>झांसी स्टेशन पर रविवार देर रात हीराकुंड एक्सप्रेस में हुए सीट विवाद ने अचानक टेरर अलर्ट का रूप ले लिया, जब एक यात्री ने तीन अन्य यात्रियों को आतंकवादी बताने का दावा कर दिया।
>जानकारी के अनुसार, हीराकुंड एक्सप्रेस के एक कोच में सीट को लेकर दो पक्षों के बीच कहासुनी हो गई। विवाद के दौरान एक यात्री ने आरोप लगाया कि सामने बैठे तीन मुस्लिम यात्री आतंकवादी हैं। इस दावे के बाद रेलवे सुरक्षा बल और जीआरपी तुरंत सक्रिय हो गए। ट्रेन को झांसी स्टेशन पर रोककर संबंधित कोच की तलाशी ली गई और संदिग्ध बताए गए यात्रियों सहित कई लोगों से पूछताछ की गई। घटना के बाद प्लेटफॉर्म पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बना रहा और सुरक्षा घेरा लगा दिया गया।
>अधिकारियों की विस्तृत जांच में आरोप पूरी तरह झूठा पाया गया। यात्रियों के पास कोई संदिग्ध सामग्री या गतिविधि नहीं मिली। जांच से पता चला कि सीट विवाद के दौरान गुस्से में आकर एक यात्री ने गलत जानकारी दे दी थी, जिससे सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं। RPF अधिकारियों ने बताया कि झूठी टेरर सूचना देना गंभीर अपराध है और संबंधित यात्री के खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। करीब एक घंटे की प्रक्रिया के बाद स्थिति सामान्य हुई और ट्रेन को आगे रवाना कर दिया गया।
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