कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग, राहुल गांधी की मौजूदगी में प्रस्ताव, BJP बोली - अब क्यों याद आए?

लखनऊ में कांशीराम जयंती कार्यक्रम में राहुल गांधी की मौजूदगी में कांशीराम को मरणोपरांत भारत रत्न देने का प्रस्ताव रखा गया, भाजपा ने इस पर प्रतिक्रिया दी।

बसपा के संस्थापक कांशीराम को मरणोपरांत भारत रत्न देने की मांग को लेकर लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रस्ताव रखा गया। कार्यक्रम में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के मन्च से जब ये प्रस्ताव रखा गया। इस प्रस्ताव के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है और भाजपा ने इस पर प्रतिक्रिया दी है।

 

लखनऊ में आयोजित ‘मान्यवर कांशीराम जयंती’ पर सामाजिक परिवर्तन दिवस कार्यक्रम में मंच से यह प्रस्ताव रखा गया कि कांशीराम को मरणोपरांत भारत रत्न दिया जाए। प्रस्ताव रखे जाने के समय राहुल गांधी मंच पर उपस्थित थे। कार्यक्रम में यह भी कहा गया कि भविष्य में यदि राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनते हैं तो यह सम्मान दिलाने का प्रयास किया जाएगा।

 

इस प्रस्ताव को आगामी विधानसभा चुनावों से पहले दलित राजनीति से जोड़कर भी देखा जा रहा है। कांशीराम की जयंती 15 मार्च को मनाई जाती है और उन्हें दलित राजनीति के प्रमुख नेताओं में गिना जाता है।

 

इस मुद्दे पर भाजपा ने कांग्रेस की आलोचना की है। भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि कांशीराम के जीवनकाल में कांग्रेस ने उन्हें कोई सम्मान नहीं दिया और अब दलित वोट बैंक की राजनीति के तहत इस तरह की बातें की जा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर को भारत रत्न कांग्रेस सरकार के बाद जनता दल सरकार के दौरान मिला था।

 

कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि यदि पंडित जवाहरलाल नेहरू जीवित होते तो कांशीराम कांग्रेस से मुख्यमंत्री बन सकते थे। इस बयान पर भी भाजपा ने प्रतिक्रिया देते हुए इसे राजनीतिक टिप्पणी बताया। कांशीराम की जयंती से पहले उठे इस प्रस्ताव और उस पर आई प्रतिक्रियाओं ने उत्तर प्रदेश की राजनीतिक चर्चाओं को नया आयाम दिया है।


 

टैग्स :  कांशीराम जयंती, राहुल गांधी, भारत रत्न, भाजपा

 

टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें