श्रावण मास की कांवड़ यात्रा के दौरान उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में एक गर्भवती महिला श्रद्धालु ने जिला महिला चिकित्सालय में जुड़वां बच्चों को जन्म दिया। चिकित्सकों के अनुसार प्रसव सुरक्षित रहा। जन्म के बाद सांस लेने में हल्की परेशानी होने पर दोनों नवजातों को विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (एसएनसीयू) में भर्ती किया गया है, जबकि मां की स्थिति स्थिर बताई गई है। महिला की पहचान नेहा पत्नी अनुराग के रूप में हुई है। वह अपने परिवार के साथ हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर कांवड़ यात्रा पर निकली थीं।
जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह मुजफ्फरनगर पहुंचने पर नेहा को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। उनके साथ चल रही महिला श्रद्धालुओं ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बिना देरी किए उन्हें जिला महिला चिकित्सालय पहुंचाया। सुबह लगभग 9:15 बजे अस्पताल पहुंचने के बाद चिकित्सकों ने तत्काल जांच कर उन्हें भर्ती कर लिया।
अस्पताल में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञों की टीम ने महिला की लगातार निगरानी की। लगभग दो घंटे तक चले उपचार के बाद सुबह करीब 11:15 बजे महिला ने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार समय पर अस्पताल पहुंचने के कारण प्रसव सुरक्षित ढंग से कराया जा सका।
चिकित्सकों ने बताया कि जन्म के बाद दोनों बच्चों को सांस लेने में हल्की परेशानी हुई। एहतियात के तौर पर दोनों नवजातों को विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (एसएनसीयू) में भर्ती किया गया है। अस्पताल के अनुसार दोनों बच्चों की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है और मां भी स्वस्थ हैं।
घटना की जानकारी मिलने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा जिला महिला चिकित्सालय पहुंचे। उनके साथ पुलिस अधीक्षक नगर अमृत जैन तथा शहर कोतवाल बृजेश कुमार शर्मा भी मौजूद रहे।
उन्होंने महिला और नवजातों का हालचाल जाना तथा चिकित्सकों से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली। इस दौरान वे मां और बच्चों के लिए कपड़े, फल तथा अन्य आवश्यक सामग्री भी लेकर पहुंचे।
अस्पताल में मौजूद अधिकारियों, चिकित्सकों और परिजनों की उपस्थिति में एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने दोनों नवजातों का नाम भगवान शिव के पुत्रों के नाम पर 'गणेश' और 'कार्तिकेय' रखा।
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने कहा, "कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिस केवल सुरक्षा व्यवस्था संभालने का काम नहीं कर रही, बल्कि हर जरूरतमंद श्रद्धालु की सहायता करना भी अपनी जिम्मेदारी मानती है। मानव सेवा सबसे बड़ा धर्म है और पुलिस हर परिस्थिति में लोगों के साथ खड़ी है।"
चिकित्सकों ने बताया कि यदि महिला को समय रहते अस्पताल नहीं लाया जाता तो स्थिति जटिल हो सकती थी। उन्होंने महिला श्रद्धालुओं की सतर्कता और सहयोग की भी सराहना की।
Explore Related Topics
टिप्पणियाँ
टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें