कर्ज के बोझ में टूटा परिवार - बंथरा में मां-बेटे की मौत, पिता की हालत गंभीर

लखनऊ के बंथरा क्षेत्र में नींवा गांव में जहरीला पदार्थ खाने से मां-बेटे की मौत, पिता गंभीर। पुलिस को सुसाइड नोट मिला, जांच जारी।
Bureau 20 Mar 2026, 01:04 PM 1 min read
कर्ज के बोझ में टूटा परिवार - बंथरा में मां-बेटे की मौत, पिता की हालत गंभीर

राजधानी लखनऊ के बंथरा थाना क्षेत्र के नींवा गांव में एक ही परिवार के तीन सदस्यों द्वारा जहरीला पदार्थ खाने का मामला सामने आया है। घटना में मां और बेटे की मौत हो गई, जबकि पिता की हालत गंभीर बताई जा रही है।

 

पुलिस के अनुसार सूचना डायल 112 के माध्यम से मिली, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। मृतकों की पहचान संदीप चौरसिया (30 वर्ष) और उनकी मां तारावती (50 वर्ष) के रूप में हुई है। वहीं पिता रूपनारायण चौरसिया (55 वर्ष) को गंभीर हालत में प्रसाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

 

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि परिवार ने संभवतः जहरीला पदार्थ खाया। तीनों के मुंह से झाग निकलने की स्थिति पाई गई, जबकि शरीर पर किसी प्रकार के बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं। पुलिस ने संदीप की जेब से एक सुसाइड नोट भी बरामद किया है, जिसकी जांच की जा रही है।

 

घटना की सूचना पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक एफएसएल टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। प्रारंभिक तौर पर मामला कर्ज के बोझ से जुड़ा बताया जा रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस ने मां-बेटे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।

← Previous Story Next Story →

 

टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें


Related News

अलीगंज अग्निकांड के बाद केजीएमयू पहुंचे अखिलेश यादव, पीड़ित परिवारों के लिए एक करोड़ रुपये की मदद की मांग
15 मौतों के बाद खुलीं पुरानी फाइलें, रिपोर्ट में सामने आए 1043 भवनों से जुड़े तथ्य
मोमबत्तियों की रोशनी में नम हुई आंखें, छात्रों की याद में निकला कैंडल मार्च
रात 3:30 बजे चीखों से टूटी लोगों की नींद, छत पर पहुंचते ही सामने था खून से लथपथ मां का चेहरा
'दो विधान, दो प्रधान, दो निशान नहीं चलेंगे'... बलिदान दिवस पर CM योगी ने याद किया डॉ. मुखर्जी का संदेश
अब बीएसबी स्कूलों के छात्रों के रिकॉर्ड भी राष्ट्रीय व्यवस्था से जुड़ेंगे, यूपी सरकार ने तेज की बड़ी प्रक्रिया
जिस इमारत में गईं 15 जानें, अब उसी पर बुलडोजर की तैयारी? 2016 का आदेश फिर चर्चा में
लखनऊ अग्निकांड के बाद सवालों की बौछार, संसद से बुलडोजर कार्रवाई तक तेज हुई सियासत
2016 में गिराने का आदेश हुआ था, फिर 15 लोगों की जान लेने वाली इमारत कैसे बची रही?