Saturday, 22 August 2026 | Lucknow | 29°C

जेन-जी छात्रों के समर्थन में लखनऊ में कांग्रेस का मार्च, बैरिकेडिंग पर नोकझोंक

परिवर्तन चौक से राजभवन की ओर बढ़े कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोका; कई को हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेजा गया।
Bureau
Bureau News Desk
22 Aug 2026
04:48 PM
1 min read
जेन-जी छात्रों के समर्थन में लखनऊ में कांग्रेस का मार्च, बैरिकेडिंग पर नोकझोंक
हाइलाइट्स
लखनऊ में शनिवार को जेन-जी छात्रों के समर्थन में कांग्रेस ने राजभवन मार्च निकाला।
मार्च परिवर्तन चौक से शुरू हुआ और राजभवन की ओर बढ़ा।
पुलिस ने रास्ते में बैरिकेडिंग कर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को आगे जाने से रोका।
पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेजा।

लखनऊ में शनिवार को जेन-जी छात्रों के समर्थन में कांग्रेस ने राजभवन मार्च निकाला। युवा कांग्रेस की ओर से आयोजित इस मार्च में सैकड़ों कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल हुए। प्रदर्शन का आयोजन छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग को लेकर किया गया।

मार्च परिवर्तन चौक से शुरू हुआ और कांग्रेस कार्यकर्ता राजभवन की ओर बढ़े। रास्ते में पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को आगे जाने से रोका। इसके बाद पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच नोकझोंक हुई। पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और उन्हें बसों के जरिए ईको गार्डन भेजा गया।

राजभवन घेराव के ऐलान के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता परिवर्तन चौक पर जुटने लगे। हाथों में पार्टी के झंडे और विभिन्न तख्तियां लिए कार्यकर्ताओं ने जुलूस के रूप में राजभवन की ओर बढ़ना शुरू किया।

यह खबर भी पढ़े - आईसीएमआर एसटीएस 2026 में राम मनोहर लोहिया संस्थान के 12 एमबीबीएस छात्र चयनित

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर से छात्रों के समर्थन में नारे लगाए गए। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ भी नारेबाजी की। पार्टी नेताओं ने कहा कि युवाओं और छात्रों की बात सुनी जानी चाहिए और उनकी आवाज को दबाने के बजाय उनके मुद्दों पर संवाद किया जाना चाहिए।

मार्च में बड़ी संख्या में युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के अलावा पार्टी के पदाधिकारी भी शामिल रहे। प्रदर्शनकारियों के बीच राजभवन पहुंचकर अपनी मांगें रखने की बात कही जा रही थी।

परिवर्तन चौक से आगे बढ़ते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ‘राजभवन चलो’ के नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों के हाथों में सरकार विरोधी पोस्टर और ऐसी तख्तियां भी थीं, जिन पर छात्रों के समर्थन में नारे लिखे गए थे।

यह खबर भी पढ़े - केजीएमयू में जूनियर डॉक्टरों का प्रदर्शन, 12 हजार से 30 हजार स्टाइपेंड की मांग

कांग्रेस नेताओं ने छात्रों के खिलाफ हुई कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए। पार्टी की ओर से कहा गया कि लोकतंत्र में युवाओं और छात्रों की आवाज सुनी जानी चाहिए। प्रदर्शन में मौजूद नेताओं ने छात्रों से जुड़े घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग भी उठाई।

राजभवन की तरफ बढ़ रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस ने रास्ते में बैरिकेडिंग की थी। प्रदर्शनकारियों ने जब आगे बढ़ने की कोशिश की तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया।

इसी दौरान बैरिकेडिंग के पास दोनों पक्षों के बीच नोकझोंक हुई। कुछ समय तक कांग्रेस कार्यकर्ता बैरिकेडिंग के सामने मौजूद रहे और राजभवन जाने की मांग करते रहे। पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों को आगे नहीं बढ़ने की हिदायत दी गई।

यह खबर भी पढ़े - 18 इंच की दीवार भी नहीं रोक पाई चोरों को, लखनऊ की प्रिंटिंग प्रेस से 65 हजार चोरी

इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेना शुरू किया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस बसों में बैठाकर ईको गार्डन भेजा गया।

राजभवन तक पहुंचने की कोशिश के दौरान पुलिस द्वारा रोके गए कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। उन्हें अलग-अलग पुलिस वाहनों और बसों के माध्यम से ईको गार्डन भेजा गया।

इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। कांग्रेस की ओर से आरोप लगाया गया कि शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को सरकार के खिलाफ आवाज उठाने से रोकने का प्रयास किया गया।

वहीं, उपलब्ध विवरण के अनुसार पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे जाने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की और बाद में कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। दी गई जानकारी में पुलिस की ओर से इस कार्रवाई को लेकर कोई अलग विस्तृत आधिकारिक बयान उपलब्ध नहीं है।

मार्च का नेतृत्व उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने किया। प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष दीपक शिवहरे ने भी प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं की अगुवाई की। प्रदर्शन में जगदीश चंद्र जांगीड़ और पूर्व एमएलसी दीपक सिंह समेत कई नेता मौजूद रहे। नेताओं ने कार्यकर्ताओं के साथ मार्च में हिस्सा लिया और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर पार्टी का पक्ष रखा।

कांग्रेस नेताओं ने छात्रों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान नेताओं की ओर से युवाओं की आवाज और लोकतांत्रिक अधिकारों का मुद्दा भी उठाया गया।

कांग्रेस के इस प्रदर्शन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग प्रमुख राजनीतिक मुद्दों में रही। कार्यकर्ताओं ने नारे लगाकर छात्रों के साथ ज्यादती की जिम्मेदारी तय करने की मांग की।

कांग्रेस ने प्रदर्शन को छात्रों और युवाओं के समर्थन से जोड़ते हुए कहा कि यह केवल पार्टी का आंदोलन नहीं है। पार्टी नेताओं ने कहा कि युवाओं को अपनी बात रखने और सवाल पूछने का अधिकार है।

मार्च के दौरान अमित शाह के इस्तीफे की मांग को लेकर भी नारे लगाए गए। कांग्रेस का कहना था कि छात्रों से जुड़े घटनाक्रम में जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और मामले की जांच की जानी चाहिए।

कांग्रेस कार्यकर्ता परिवर्तन चौक से राजभवन की ओर बढ़े, लेकिन पुलिस की बैरिकेडिंग के कारण उनका मार्च राजभवन तक नहीं पहुंच सका। बैरिकेडिंग के सामने कुछ समय तक कार्यकर्ता मौजूद रहे और आगे जाने की मांग करते रहे। स्थिति के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकते हुए कई लोगों को हिरासत में लिया। बाद में कई कार्यकर्ताओं को ईको गार्डन भेजा गया।

इस तरह कांग्रेस का निर्धारित राजभवन मार्च अपने अंतिम गंतव्य तक पहुंचने से पहले ही पुलिस कार्रवाई के कारण रुक गया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों के समर्थन, पुलिस कार्रवाई की जांच और केंद्रीय गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग प्रमुख रूप से सामने आई।

Explore Related Topics

लखनऊ कांग्रेस मार्च जेन-जी छात्र राजभवन मार्च कांग्रेस प्रदर्शन लखनऊ

 

टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें

इस खबर को खबर पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद

ऐसी ही खबरों के लिए निचे स्क्रॉल करें

या होम पेज पर लेटेस्ट न्यूज़ पढ़ने के लिए क्लिक करें →

Related News