>उत्तर प्रदेश की राजधानी से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। गोमतीनगर थाना क्षेत्र स्थित विरामखंड में रहने वाले इंजीनियर अतुल तिवारी ने आत्महत्या कर ली। लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि उनकी मानसिक रूप से बीमार मां को चार दिनों तक बेटे की मौत का पता ही नहीं चला। पुलिस के अनुसार, अतुल ने हाथ की नस काटकर आत्महत्या की थी और शव घर के भीतर ही पड़ा रहा। जब दरवाजा खोला गया तो कमरे से उठती तेज दुर्गंध और भीतर का नजारा सभी को झकझोर देने वाला था।
>अतुल तिवारी अपनी मां सुधा तिवारी के साथ रहते थे। मां भूतल पर रहती थीं जबकि अतुल पहली मंजिल पर रहते थे। मानसिक बीमारी के कारण मां अक्सर घर के ऊपरी हिस्से में नहीं जाती थीं और उनका इलाज भी चल रहा था। इस वजह से उन्हें बेटे की मौत का कोई अंदाजा नहीं लग सका। जानकारी के अनुसार, अतुल की पत्नी उनसे अलग रह रही थीं और पिछले कुछ समय से उनके बीच विवाद चल रहा था। पारिवारिक तनाव और अवसाद के चलते अतुल गहरे मानसिक दबाव में थे। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है।
>दिल्ली में रहने वाली बहन गीतिका ने जब मां से फोन पर भाई के बारे में पूछा तो मां ने बताया कि उन्होंने बेटे को पिछले चार दिनों से नहीं देखा है। शक होने पर गीतिका ने मामा, पूर्व विधायक अभय ओझा को फोन किया। इसके बाद स्थानीय परिचित घर पहुंचे तो कमरे से तेज बदबू आ रही थी। दरवाजा खोला गया तो अंदर अतुल का शव पड़ा था। सूचना मिलते ही गोमतीनगर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एसीपी गोमतीनगर ने बताया कि हाथ की नस काटने से आत्महत्या की आशंका है। फिलहाल मामले की गहन जांच की जा रही है।
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