लखनऊ। गोमतीनगर विस्तार के सरस्वतीपुरम में एक लंबे समय से बंद मकान में चोरी की वारदात सामने आई है। चोर करीब 34.49 लाख रुपये कीमत के सोने के आभूषण, चांदी के कीमती सामान और 10 हजार रुपये नकद लेकर फरार हो गए। वारदात के दौरान आरोपियों ने मकान की अलमारियों के लॉकर तोड़े और कमरों में रखे सामान को खंगाला।
पुलिस के मुताबिक, चोरी की घटना के दौरान चार से पांच लोगों के एक कार से मौके पर पहुंचने के दृश्य आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हुए हैं। फुटेज के आधार पर पुलिस संदिग्धों की पहचान और वारदात में इस्तेमाल कार का पता लगाने में जुटी है।
सरस्वतीपुरम निवासी निर्मला शुक्ला पिछले करीब तीन महीने से अपने बेटे के पास बेंगलुरु में रह रही थीं। इस दौरान उनका मकान बंद था। इसी अवधि में चोरों ने घर को निशाना बनाया।
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पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपी कार से मकान के पास पहुंचे और ताला तोड़कर अंदर दाखिल हुए। घर में प्रवेश करने के बाद उन्होंने कमरों की तलाशी ली और अलमारियों के लॉकर तोड़ दिए। कीमती सामान मिलने के बाद आरोपी उसे लेकर उसी कार से मौके से निकल गए।
घटना का पता मंगलवार सुबह चला, जब आसपास के लोगों ने मकान का ताला टूटा देखा। इसके बाद उन्होंने मकान मालकिन के भतीजे अर्पित को सूचना दी। अर्पित ने निर्मला शुक्ला को फोन कर चोरी की जानकारी दी।
चोरी हुए सामान में सबसे अधिक कीमत सोने के आभूषणों की बताई गई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, चोर करीब 34.49 लाख रुपये कीमत के सोने के जेवर ले गए।
इसके अलावा घर से चांदी का राम दरबार, चार चांदी के मेडल और छह चांदी के सिक्के भी चोरी हुए हैं। घर में रखी करीब 10 हजार रुपये की नकदी भी आरोपी ले गए। पुलिस ने घटनास्थल की जांच के दौरान टूटे ताले, क्षतिग्रस्त लॉकर और घर के अंदर बिखरे सामान सहित अन्य संभावित साक्ष्यों को देखा है।
इस मामले में पुलिस के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज महत्वपूर्ण सुराग बनी है। फुटेज में एक कार को मकान के सामने रुकते देखा गया। इसके बाद चार से पांच लोग कार से नीचे उतरते और मकान की ओर जाते दिखाई देते हैं।
फुटेज के मुताबिक, संदिग्ध मकान के अंदर दाखिल हुए और कुछ समय बाद वापस बाहर आए। इसके बाद सभी उसी कार में बैठकर वहां से चले गए।
पुलिस ने आसपास के कई कैमरों की फुटेज खंगाली है। जांच के दौरान संदिग्धों की गतिविधियों, कार की पहचान और उनके आने-जाने के रास्ते का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
पूर्वी क्षेत्र के एडीसीपी अमोल मुर्कुट के मुताबिक, घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों से पुलिस को कई महत्वपूर्ण सीसीटीवी फुटेज मिले हैं। उन्होंने बताया कि फुटेज के आधार पर संदिग्धों को चिह्नित किया गया है।
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने चार विशेष टीमें गठित की हैं। ये टीमें संदिग्धों के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। इसके साथ ही पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि वारदात में इस्तेमाल कार किसकी थी। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपी किस रास्ते से मौके तक पहुंचे और चोरी के बाद किस दिशा में फरार हुए।
पुलिस इस पहलू की भी पड़ताल कर रही है कि आरोपियों को मकान के करीब तीन महीने से बंद होने की जानकारी कैसे मिली। जांच में यह जानने की कोशिश की जा रही है कि क्या आरोपियों को घर में रखे आभूषणों की पहले से जानकारी थी या उन्होंने मौके पर पहुंचने के बाद सामान की तलाश की। पुलिस आसपास रहने वाले लोगों से भी पूछताछ कर रही है। इलाके में पिछले दिनों संदिग्ध रूप से घूमने वाले व्यक्तियों और वाहनों से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है। सीसीटीवी फुटेज के अलावा पुलिस तकनीकी साक्ष्यों की भी मदद ले रही है, ताकि संदिग्धों की गतिविधियों और उनके संपर्कों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।
चोरी के बाद पुलिस ने सरस्वतीपुरम और आसपास के क्षेत्र में लगे कैमरों की जानकारी जुटाई है। जांच का एक हिस्सा उस कार की आवाजाही पर केंद्रित है, जिसमें संदिग्ध मौके पर पहुंचे थे।
पुलिस उन संभावित रास्तों की भी पड़ताल कर रही है, जिनका इस्तेमाल आरोपी वारदात से पहले और बाद में कर सकते हैं। फुटेज के अलग-अलग हिस्सों को मिलाकर संदिग्धों की गतिविधियों की कड़ी जोड़ने की कोशिश की जा रही है। इसके साथ ही पिछले कुछ दिनों में इलाके में आने-जाने वाले संदिग्ध लोगों और वाहनों से जुड़ी जानकारी भी एकत्र की जा रही है।
पुलिस की जांच में यह बिंदु भी महत्वपूर्ण है कि मकान करीब तीन महीने से बंद था। इसी कारण जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या आरोपियों को घर के लंबे समय से खाली रहने की पहले से जानकारी थी।
मामले में पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या वारदात सुनियोजित तरीके से की गई या आरोपियों ने किसी अन्य माध्यम से मकान के बारे में जानकारी हासिल की। फिलहाल पुलिस उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।
मकान का ताला टूटा मिलने के बाद स्थानीय लोगों ने सबसे पहले घटना की जानकारी अर्पित को दी। अर्पित ने मकान मालकिन को इसकी सूचना दी और इसके बाद पुलिस को घटना के बारे में बताया गया।
सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। घर में रखे सामान की स्थिति और टूटे हुए लॉकर की जांच की गई। चोरी हुए सामान का विवरण भी दर्ज किया गया। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज, स्थानीय पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
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