लखनऊ में दर्दनाक सड़क हादसा: श्रद्धालुओं की कार ट्रैक्टर-ट्रॉली में घुसी, चालक की मौत, सात घायल

किसान पथ पर हुआ हादसा, कार के परखच्चे उड़े; दो घायलों की हालत गंभीर।
Bureau 26 May 2026, 07:50 PM 1 min read
लखनऊ में दर्दनाक सड़क हादसा: श्रद्धालुओं की कार ट्रैक्टर-ट्रॉली में घुसी, चालक की मौत, सात घायल

 

राजधानी लखनऊ के किसान पथ पर मंगलवार तड़के बड़ा सड़क हादसा हो गया। उड़ीसा से अयोध्या जा रहे श्रद्धालुओं की अर्टिगा कार आगे चल रही ईंट लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा गई। हादसे में कार चालक की मौत हो गई, जबकि चार महिलाओं समेत सात लोग घायल हो गए। घायलों में दो की हालत गंभीर बताई जा रही है।

 

पुलिस के अनुसार हादसा पीजीआई थाना क्षेत्र स्थित किसान पथ के डलौना रेलवे क्रॉसिंग के पास सुबह करीब 4:20 बजे हुआ। टक्कर इतनी तेज थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार सभी लोग अंदर फंस गए।

 

पीजीआई थाने के इंस्पेक्टर धीरेंद्र सिंह ने बताया कि उड़ीसा के पुरी निवासी श्रद्धालु अर्टिगा कार बुक कर पहले मथुरा दर्शन के लिए गए थे। वहां से सोमवार रात अयोध्या के लिए रवाना हुए थे। इसी दौरान किसान पथ पर उनकी कार आगे चल रही ईंट लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली से पीछे से जा टकराई।

 

हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहगीरों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। बचाव अभियान चलाकर कटर की मदद से कार के दरवाजे काटे गए और अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला गया।

 

घायलों को तत्काल एपेक्स ट्रॉमा सेंटर भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने चालक संदीप को मृत घोषित कर दिया। हादसे में शुभाशीष मोहंती, स्मिताजंलि साहू, तिलावेरा, टिडा सुबोधा, बसंत दास, जयंती रथा और साईं रामरथ घायल हुए हैं। इनमें दो लोगों की हालत गंभीर होने पर उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया है।

 

 

पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। हादसे के बाद किसान पथ पर काफी देर तक यातायात प्रभावित रहा। सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। बाद में क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर यातायात सामान्य कराया गया।

 

स्थानीय लोगों का कहना है कि किसान पथ और अन्य प्रमुख सड़कों पर नियमों के विपरीत ईंट, भूसा और अन्य सामान लादकर ट्रैक्टर-ट्रॉलियां तेज रफ्तार में दौड़ती रहती हैं। कई वाहनों में पीछे रेडियम, रिफ्लेक्टर या लाइट तक नहीं लगी होती, जिससे रात के समय हादसों का खतरा बढ़ जाता है। 

← Previous Story Next Story →

 

टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें


Related News

अलीगंज अग्निकांड के बाद केजीएमयू पहुंचे अखिलेश यादव, पीड़ित परिवारों के लिए एक करोड़ रुपये की मदद की मांग
15 मौतों के बाद खुलीं पुरानी फाइलें, रिपोर्ट में सामने आए 1043 भवनों से जुड़े तथ्य
मोमबत्तियों की रोशनी में नम हुई आंखें, छात्रों की याद में निकला कैंडल मार्च
रात 3:30 बजे चीखों से टूटी लोगों की नींद, छत पर पहुंचते ही सामने था खून से लथपथ मां का चेहरा
'दो विधान, दो प्रधान, दो निशान नहीं चलेंगे'... बलिदान दिवस पर CM योगी ने याद किया डॉ. मुखर्जी का संदेश
अब बीएसबी स्कूलों के छात्रों के रिकॉर्ड भी राष्ट्रीय व्यवस्था से जुड़ेंगे, यूपी सरकार ने तेज की बड़ी प्रक्रिया
जिस इमारत में गईं 15 जानें, अब उसी पर बुलडोजर की तैयारी? 2016 का आदेश फिर चर्चा में
लखनऊ अग्निकांड के बाद सवालों की बौछार, संसद से बुलडोजर कार्रवाई तक तेज हुई सियासत
2016 में गिराने का आदेश हुआ था, फिर 15 लोगों की जान लेने वाली इमारत कैसे बची रही?