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दरोगा का घर भी नहीं बचा... कई दिन रेकी के बाद लाखों की चोरी, चार शातिर गिरफ्तार

पीजीआई पुलिस ने चोरी के जेवर बरामद किए, परिवार के बाहर जाते ही वारदात को अंजाम देता था गिरोह; अन्य घटनाओं से भी जोड़े जा रहे तार
Bureau
Bureau News Desk
14 Jul 2026
03:58 PM
1 min read
दरोगा का घर भी नहीं बचा... कई दिन रेकी के बाद लाखों की चोरी, चार शातिर गिरफ्तार
हाइलाइट्स
मलिहाबाद थाने में तैनात दरोगा के घर हुई चोरी का खुलासा।
पीजीआई पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया।
चोरी के सोने-चांदी के जेवर बरामद किए गए।
आरोपियों पर वारदात से पहले कई दिनों तक रेकी करने का आरोप।

लखनऊ। राजधानी में चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक संगठित गिरोह का पीजीआई पुलिस ने खुलासा किया है। मलिहाबाद थाने में तैनात दरोगा संजय यादव के घर हुई लाखों रुपये की चोरी के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी के सोने-चांदी के जेवर भी बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह किसी भी वारदात से पहले कई दिनों तक मकान और परिवार की गतिविधियों पर नजर रखता था और घर खाली मिलते ही चोरी को अंजाम देता था।

पुलिस के अनुसार, दरोगा संजय यादव का परिवार धार्मिक यात्रा पर गया हुआ था। इसी दौरान आरोपियों ने सूने पड़े मकान को निशाना बनाया। बदमाश ताला तोड़कर घर के भीतर दाखिल हुए और सीधे अलमारी तक पहुंचकर लाखों रुपये के जेवर लेकर फरार हो गए। वारदात को इस तरह अंजाम दिया गया कि आसपास रहने वाले लोगों को इसकी भनक तक नहीं लगी।

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जांच के दौरान पुलिस को ऐसे संकेत मिले कि आरोपियों ने वारदात से पहले कई दिनों तक परिवार की दिनचर्या और आवाजाही पर नजर रखी थी। परिवार के घर से बाहर निकलने की पुष्टि होने के बाद ही चोरी की योजना को अंजाम दिया गया। पुलिस का मानना है कि गिरोह सुनसान या लंबे समय तक बंद रहने वाले मकानों को विशेष रूप से निशाना बनाता था।

घटना के बाद पीजीआई पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। साथ ही सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से संदिग्धों की पहचान की गई। कई दिनों तक चली पड़ताल के बाद पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के आधार पर चोरी किए गए जेवरों का बड़ा हिस्सा भी बरामद कर लिया गया है।

पुलिस अब यह पता लगा रही है कि गिरफ्तार आरोपी राजधानी के अन्य इलाकों में हुई चोरी की घटनाओं में भी शामिल रहे हैं या नहीं। जांच एजेंसियां आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही हैं। साथ ही उन लोगों की भी जानकारी जुटाई जा रही है, जिनके पास चोरी के जेवर बेचे जाने की आशंका है।

जांच के दौरान ऐसे संकेत भी मिले हैं कि गिरोह केवल आम लोगों के घरों तक सीमित नहीं था, बल्कि पुलिस अधिकारियों के मकानों पर भी नजर रख रहा था। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि आरोपियों ने किन-किन क्षेत्रों में रेकी की थी और कितने संभावित ठिकानों को निशाना बनाया था।

फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस का कहना है कि बरामद साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। साथ ही राजधानी में हुई अन्य चोरी की घटनाओं से इन आरोपियों का संबंध खंगाला जा रहा है।

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