लखनऊ में सौतेले पिता का वहशी चेहरा: बेटी पर चाकू से हमला

News Desk 23 Jun 2025, 09:40 AM 1 min read
लखनऊ में सौतेले पिता का वहशी चेहरा: बेटी पर चाकू से हमला


>राजधानी लखनऊ में घरेलू कलह ने एक बार फिर रिश्तों को शर्मसार कर दिया। महानगर के विज्ञानपुरी इलाके में एक सौतेले पिता ने अपनी बेटी पर चाकू से हमला कर दिया। यह दिल दहला देने वाली वारदात रविवार शाम को सामने आई, जिसने पूरे मोहल्ले में सनसनी फैला दी।


>पुलिस को सूचना मिलते ही महज 5 मिनट में महानगर थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। युवती की हालत गंभीर देखकर थानाध्यक्ष ने अपनी सरकारी गाड़ी से उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया।

हमले की वजह बनी पारिवारिक कलह


>प्राप्त जानकारी के अनुसार, युवती की मां ने पहले पति की मृत्यु के बाद दूसरी शादी की थी। दूसरी शादी के बाद से ही बेटी और सौतेले पिता के बीच कहासुनी व तनाव बना रहता था। पारिवारिक कमलेश में मामला इतना बढ़ गया कि आरोपी ने गुस्से में आकर बेटी पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए।

तेज कार्रवाई में जुटी पुलिस, आरोपी गिरफ्तार


>सूचना पर डीसीपी सेंट्रल आशीष श्रीवास्तव और एडीसीपी ममता रानी खुद मौके पर पहुंचे। साथ ही फॉरेंसिक टीम को भी घटनास्थल पर बुलाया गया है, जो सबूतों की जांच कर रही है। पुलिस ने आरोपी पिता को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है।

← Previous Story Next Story →

 

टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें


Related News

अलीगंज अग्निकांड के बाद केजीएमयू पहुंचे अखिलेश यादव, पीड़ित परिवारों के लिए एक करोड़ रुपये की मदद की मांग
15 मौतों के बाद खुलीं पुरानी फाइलें, रिपोर्ट में सामने आए 1043 भवनों से जुड़े तथ्य
मोमबत्तियों की रोशनी में नम हुई आंखें, छात्रों की याद में निकला कैंडल मार्च
रात 3:30 बजे चीखों से टूटी लोगों की नींद, छत पर पहुंचते ही सामने था खून से लथपथ मां का चेहरा
'दो विधान, दो प्रधान, दो निशान नहीं चलेंगे'... बलिदान दिवस पर CM योगी ने याद किया डॉ. मुखर्जी का संदेश
अब बीएसबी स्कूलों के छात्रों के रिकॉर्ड भी राष्ट्रीय व्यवस्था से जुड़ेंगे, यूपी सरकार ने तेज की बड़ी प्रक्रिया
जिस इमारत में गईं 15 जानें, अब उसी पर बुलडोजर की तैयारी? 2016 का आदेश फिर चर्चा में
लखनऊ अग्निकांड के बाद सवालों की बौछार, संसद से बुलडोजर कार्रवाई तक तेज हुई सियासत
2016 में गिराने का आदेश हुआ था, फिर 15 लोगों की जान लेने वाली इमारत कैसे बची रही?