Saturday, 05 September 2026 | Lucknow | 29°C

मऊ के स्कूल में शिक्षा नहीं, संस्कारों का संहार

बच्चों की आस्था से खिलवाड़: मऊ के सरकारी स्कूल में माला और कलावा उतारने पर बवाल, दो शिक्षक FIR में नामजद
News Desk
News Desk News Desk
18 Jul 2025
01:23 AM
1 min read
मऊ के स्कूल में शिक्षा नहीं, संस्कारों का संहार
हाइलाइट्स
बच्चों की आस्था से खिलवाड़: मऊ के सरकारी स्कूल में माला और कलावा उतारने पर बवाल, दो शिक्षक FIR में नामजद


>उत्तर प्रदेश के मऊ जिले से बच्चों की धार्मिक आस्थाओं को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। थाना घोसी क्षेत्र के लाखीपुर गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में दो शिक्षकों पर आरोप है कि उन्होंने छात्रों की गर्दन की माला, हाथ का कलावा और रक्षा-सूत्र जबरन उतरवा दिए। यही नहीं, छात्रों ने यह भी आरोप लगाया है कि शिक्षकों ने इन धार्मिक प्रतीकों को जलाया और कथित तौर पर कहा – "कोई भगवान नहीं होता।"


>इस घटना से क्षेत्र में धार्मिक आक्रोश फैल गया है। बच्चों की ओर से थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसके बाद बजरंग दल ने भी इसमें हस्तक्षेप करते हुए विरोध प्रदर्शन और अलग से शिकायत दी। मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है।


>छात्रों ने खुद पुलिस से की शिकायत


>इस मामले की शुरुआत तब हुई जब कक्षा 5 और 8 के छात्रों ने खुद पुलिस स्टेशन जाकर अपनी आपबीती सुनाई। छात्र प्रियांशु राजभर के मुताबिक, सहायक अध्यापक परमानंद कुमार और कमला यादव न सिर्फ धार्मिक प्रतीकों को हटवाते हैं बल्कि उन्हें अपमानजनक रूप से जलाते भी हैं।


>छात्रों ने यह भी बताया कि उन्हें स्कूल में पढ़ाई के बजाय घास कटवाने जैसे शारीरिक श्रम में लगाया जाता है और शिक्षा महज एक घंटे तक सीमित रह गई है। साथ ही छात्रों ने यह आरोप भी लगाया कि उनसे मार्कशीट के नाम पर ₹500 तक की अवैध वसूली की जा रही है।


>बजरंग दल ने बताया 'धार्मिक पहचान मिटाने की साजिश'


>बजरंग दल के जिला संयोजक प्रांशु सिंह तेजस ने इसे एक गंभीर साजिश बताया और कहा कि यह बच्चों की धार्मिक पहचान मिटाने की कोशिश है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन बच्चों को उनकी संस्कृति और विश्वास से दूर करने का प्रयास कर रहा है।


>बजरंग दल ने प्रशासन से मांग की है कि इन शिक्षकों को तुरंत निलंबित किया जाए और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो।


>जांच के आदेश, शिक्षा विभाग ने गठित की समिति


>जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष उपाध्याय ने कहा कि जैसे ही उन्हें घटना की जानकारी मिली, तत्काल एक जांच टीम गठित कर दी गई। अधिकारी ने स्पष्ट किया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने पर शिक्षकों के खिलाफ अनिवार्य विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

 

टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें

इस खबर को खबर पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद

ऐसी ही खबरों के लिए निचे स्क्रॉल करें

या होम पेज पर लेटेस्ट न्यूज़ पढ़ने के लिए क्लिक करें →

Related News