>भारी बरसात और लगातार हो रहे भूस्खलन ने उत्तर प्रदेश, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, दिल्ली, हरियाणा और असम समेत कई राज्यों में तबाही मचाई है। जान-माल के नुकसान के साथ-साथ पशुधन की भारी बर्बादी ने लाखों परिवारों को संकट में डाल दिया है। बसपा अध्यक्ष मायावती ने इस गंभीर स्थिति पर चिंता जताते हुए केंद्र और राज्य सरकारों से तत्काल राहत पहुंचाने की अपील की है।
>मायावती ने कहा कि गुरुग्राम और नोएडा जैसे विकसित शहरी क्षेत्रों में भी जलभराव की वजह से करोड़ों लोग कठिनाइयों और आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं। उन्होंने सरकारों को याद दिलाया कि प्राकृतिक आपदाओं के समय केवल बयानबाज़ी नहीं, बल्कि ठोस कदम उठाना आवश्यक है।
>सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ‘एक्स’ पर मायावती ने लिखा कि ऐसे हालात में केंद्र व राज्य सरकारों को जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए मानवतावादी दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। पीड़ित परिवारों को हर प्रकार की मदद तत्काल उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
>बसपा प्रमुख ने आगे कहा कि सिर्फ तात्कालिक राहत ही नहीं, बल्कि लंबे समय के लिए बुनियादी ढांचे और सुविधाओं को बेहतर करने की दिशा में भी ध्यान देना होगा। ताकि हर साल बाढ़ और भूस्खलन जैसी आपदाओं से करोड़ों किसानों, मजदूरों, गरीबों और मेहनतकश तबकों की आजीविका प्रभावित न हो।
टिप्पणियाँ
टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें