योगी आदित्यनाथ ने सार्वजनिक सड़कों पर जाम और धार्मिक गतिविधियों को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट सन्देश दिया है कि सड़कें आम जनता के आवागमन के लिए हैं, उन्हें अवरुद्ध करने की अनुमति किसी को नहीं दी जा सकती। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा और सड़क जाम कर आम लोगों को परेशानी में डालने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सड़कें चलने के लिए हैं, तमाशे के लिए नहीं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सार्वजनिक मार्गों पर किसी भी प्रकार की गतिविधि, जिससे यातायात बाधित हो और आम जनता प्रभावित हो, उसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री के अनुसार सरकार पहले लोगों को समझाने का प्रयास करेगी, लेकिन यदि नियमों का पालन नहीं किया गया तो प्रशासन कानूनी कार्रवाई करेगा।
उन्होंने कहा कि सड़कों पर नमाज नहीं होती और किसी को भी सड़क रोकने का अधिकार नहीं है। मुख्यमंत्री ने यह भी दोहराया कि कानून सभी नागरिकों के लिए समान है और सार्वजनिक स्थलों पर अराजकता की अनुमति नहीं दी जा सकती। उनके बयान को प्रदेश में कानून व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को लेकर सरकार की सख्त नीति के रूप में देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कें जनता की सुविधा और आवागमन के लिए बनाई गई हैं। ऐसे में किसी भी प्रकार का अवरोध आम लोगों के अधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सड़क जाम और सार्वजनिक अव्यवस्था की घटनाओं पर सतर्क निगरानी रखी जाए और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
प्रदेश सरकार पहले भी सार्वजनिक स्थानों पर अवैध कब्जों, यातायात अवरोध और बिना अनुमति होने वाले आयोजनों को लेकर सख्ती दिखा चुकी है। मुख्यमंत्री के ताजा बयान के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी इस विषय को लेकर सक्रियता बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
ट्रैफिक व्यवस्था और सार्वजनिक अनुशासन को लेकर दिए गए मुख्यमंत्री के इस बयान ने राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर नई चर्चा को जन्म दिया है। सरकार का कहना है कि आम जनता की सुविधा सर्वोपरि है और किसी भी स्थिति में सड़कों पर अव्यवस्था स्वीकार नहीं की जाएगी।
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