>चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के समीप लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगे 15 मीटर ऊंचे कैमरा टावर को पायलटों की शिकायत के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने हटा दिया है। यह टावर एयरपोर्ट की बाउंड्रीवाल से कुछ ही मीटर की दूरी पर लगाया गया था, जिससे विमानों की लैंडिंग और टेकऑफ के दौरान खतरा उत्पन्न हो रहा था।
>एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) ने स्पष्ट किया कि यह टावर उड़ान भरने और उतरने वाले विमानों के लिए बाधा बन रहा है। एयरपोर्ट प्रशासन ने इस समस्या की शिकायत मंडलायुक्त को पत्र के माध्यम से की थी। एनएचएआइ के अधिकारियों ने बताया कि यह टावर एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम की स्थापना कर रही एजेंसी के कर्मचारियों की लापरवाही के कारण लगाया गया था, और एयरपोर्ट से एनओसी भी नहीं ली गई थी। मंडलायुक्त के निर्देश मिलने के बाद इसे 16 सितंबर को हटवा दिया गया।
>साथ ही, हरदोई से लखनऊ आ रही कैसरबाग बस डिपो की बस के एक्सीडेंट स्थल पर एनएचएआइ ने अब क्रैश बैरियर लगवा दिया है। अधिकारियों ने बताया कि यह बैरियर पुल के नीचे बहते नाले से जुड़ा काम पूरा होने के बाद लगाया गया है। इसके अलावा, लखनऊ-अमेठी सलेमपुर से संडील तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर चल रहे निर्माण कार्य में मार्ग प्रकाश और सुरक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए प्राधिकरण ने कार्यदायी संस्था आरपी इन्फ्राटेक को निर्देश दिए हैं।
>एनएचएआइ अधिकारियों का कहना है कि अब नादरगंज चौराहे पर फ्लाईओवर निर्माण के लिए एयरपोर्ट एनओसी प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है ताकि भविष्य में विमान संचालन में किसी प्रकार की बाधा न आए।
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