>राजधानी में ऑनलाइन गेमिंग की लत ने एक मासूम की जान ले ली। मोहनलालगंज क्षेत्र में कक्षा 6 के छात्र यश ने मोबाइल गेम्स के चक्कर में न सिर्फ पिता के खाते से 14 लाख रुपये गंवा दिए, बल्कि पिता की डांट से आहत होकर आत्महत्या कर ली। इस दर्दनाक घटना ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
>पुलिस जांच में सामने आया कि यश लगातार ऑनलाइन गेम्स में लिप्त था और धीरे-धीरे इसकी लत इतनी बढ़ गई कि उसने भारी-भरकम रकम भी खर्च कर दी। घटना के बाद लखनऊ पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों और इंटरनेट इस्तेमाल पर पैनी नजर रखें। लखनऊ के दक्षिणी क्षेत्र के पुलिस उपायुक्त निपुण अग्रवाल ने कहा कि अभिभावकों को अपने बच्चों की डिजिटल गतिविधियों पर सतर्क रहना चाहिए। साथ ही बैंक खातों और ऑनलाइन लेनदेन से जुड़ी जानकारी को सुरक्षित रखना जरूरी है ताकि नाबालिग बच्चे उनका गलत इस्तेमाल न कर सकें।
>साइबर सुरक्षा क्यों है जरूरी?
>साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों को इंटरनेट के खतरों के प्रति समय रहते जागरूक करना बहुत जरूरी है। गेमिंग की लत मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक माहौल दोनों पर बुरा असर डाल सकती है।
>कैसे बचें साइबर जोखिमों से?
>बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर लगातार नजर रखें।
>बैंक और यूपीआई पासवर्ड जैसी वित्तीय जानकारी बच्चों की पहुंच से दूर रखें।
>बच्चों को जिम्मेदार इंटरनेट उपयोग और साइबर सुरक्षा की शिक्षा दें।
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>गेमिंग या सोशल मीडिया की लत के संकेतों को पहचानकर समय रहते हस्तक्षेप करें।
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