पिंडरा के बहुचर्चित मनीष सिंह हत्याकांड को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय बुधवार को भारी पुलिस तैनाती और प्रशासनिक घेरेबंदी के बीच पीड़ित परिवार से मिलने उनके गाँव पहुंचे। इस दौरान उन्होंने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
अजय राय ने पीड़ित परिवार से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने आरोप लगाया कि लखनऊ से वाराणसी के सफर के दौरान उन्हें कई स्थानों पर रोका गया और नजरबंद करने का प्रयास किया गया। प्रेस से बातचीत में उन्होंने कहा कि यह स्थिति दर्शाती है कि सरकार अपराधियों के बजाय जनप्रतिनिधियों की गतिविधियों पर अधिक ध्यान दे रही है।
अजय राय ने प्रशासनिक कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ऐसा लग रहा था जैसे सरकार अपराधियों को पकड़ने के बजाय एक जनप्रतिनिधि को पीड़ित परिवार से मिलने से रोकने के लिए अपनी पूरी शक्ति लगा रही है। खाकी का पहरा हमें अपने लोगों के आँसू पोंछने से नहीं रोक सकता। पीड़ित परिवार की स्थिति का हवाला देते हुए अजय राय ने राज्य सरकार से तीन प्रमुख मांगें रखीं:
- पीड़ित परिवार को तत्काल ₹2 करोड़ का मुआवजा दिया जाए।
- परिवार के एक सदस्य को योग्यता के अनुसार सरकारी नौकरी प्रदान की जाए।
- हत्याकांड के दोषियों और कथित संरक्षण देने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
अजय राय ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति चिंताजनक है और इस मुद्दे को लेकर वह मुख्यमंत्री से सीधे वार्ता करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि पीड़ित परिवार को न्याय और आर्थिक सहायता नहीं मिली, तो कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को लेकर व्यापक स्तर पर आंदोलन कर सकती है।
टिप्पणियाँ
टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें