उत्तर प्रदेश में अवैध खनन, उपखनिजों के अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग पर नियंत्रण के लिए प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। इसी क्रम में शनिवार को रायबरेली से उन्नाव और फतेहपुर बॉर्डर तक विशेष आकस्मिक प्रवर्तन अभियान चलाया गया, जिसमें बड़े स्तर पर जांच और कार्रवाई की गई। सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, उत्तर प्रदेश के अनुसार, यह अभियान सचिव/निदेशक भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग माला श्रीवास्तव के निर्देश पर संचालित किया गया। अभियान का नेतृत्व अपर निदेशक एवं विशेष सचिव अरुण कुमार ने किया। इस दौरान लखनऊ, बाराबंकी, अयोध्या समेत विभिन्न जनपदों के खान अधिकारियों और सहायक रसायनज्ञ की संयुक्त टीम ने उपखनिजों का परिवहन कर रहे वाहनों की गहन जांच की।
जांच के दौरान कई वाहनों में नियमों का उल्लंघन पाया गया। इस पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए कुल 5,23,840 रुपये से अधिक का पेनाल्टी इम्पोस किया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बिना वैध दस्तावेज और ओवरलोडिंग की स्थिति में किसी भी वाहन को नहीं छोड़ा जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अन्य राज्यों से आने वाले उपखनिजों का परिवहन केवल वैध आईएसटीपी के साथ ही सुनिश्चित किया जाए। साथ ही ओवरलोडिंग पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करने को कहा गया है।
अवैध परिवहन पर रोक लगाने के लिए आईओटी आधारित पीटीजेड कैमरा और एएनपीआरसिस्टम से लैस चेकगेट्स को 24 घंटे सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं। इससे वाहनों की सतत निगरानी सुनिश्चित की जा रही है। खनन क्षेत्रों में ही लोडिंग मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि परिवहन के दौरान नियमों का उल्लंघन न हो। सभी जनपदीय अधिकारियों को लगातार प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई जारी रखने को कहा गया है। सचिव/निदेशक माला श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में अवैध खनन और ओवरलोडिंग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं अपर निदेशक अरुण कुमार ने सभी अधिकारियों को नियमों के अनुरूप कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
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