>उत्तर प्रदेश में बालिकाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण को मजबूत करने के उद्देश्य से संचालित रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम ने शैक्षिक सत्र 2025-26 में व्यापक स्तर पर प्रभाव दर्ज किया है। विद्यालय स्तर पर लागू इस कार्यक्रम के तहत बड़ी संख्या में बालिकाओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया गया है।
>बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के नेतृत्व में संचालित इस कार्यक्रम के अंतर्गत शैक्षिक सत्र 2025-26 में अब तक प्रदेश के 38,465 विद्यालयों में कुल 10,78,402 बालिकाओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। यह प्रशिक्षण विद्यालय परिसरों में नियमित अभ्यास और प्रशिक्षित मार्गदर्शन के माध्यम से दिया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं में आत्मसम्मान, सतर्कता, साहस और निर्णय क्षमता का विकास करना है।
>भारत सरकार की परियोजना अनुमोदन बोर्ड के अंतर्गत इस योजना के लिए ₹2282.80 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई है, जिससे 45,656 उच्च प्राथमिक एवं कम्पोजिट विद्यालयों में इसका क्रियान्वयन किया जा रहा है। कार्यक्रम की निगरानी के लिए यूडीआईएसई+ आधारित वीरांगना मॉनिटरिंग पोर्टल का उपयोग किया जा रहा है, जहां प्रतिदिन की ऑनलाइन उपस्थिति, प्रशिक्षण सामग्री और गतिविधियों का विवरण दर्ज किया जाता है।
> बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के अनुसार रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से हम प्रदेश की बेटियों को आत्मविश्वास, साहस और आत्मनिर्भरता का संबल दे रहे हैं।
>स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी के अनुसार आईसीटी आधारित वीरांगना मॉनिटरिंग पोर्टल से प्रशिक्षण की नियमित निगरानी और गुणवत्ता सुनिश्चित की जा रही है।
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