>एक परिवार की ममता और जिम्मेदारी उस वक्त मातम में बदल गई जब मां को देखने लखनऊ आए पिता और बेटे की सड़क हादसे में मौत हो गई। यह दर्दनाक हादसा मोहन रोड स्थित दौलीखेड़ा गांव के पास उस समय हुआ जब दोनों रात के समय केजीएमयू से घर लौट रहे थे। उन्नाव जिले के माखी थाना क्षेत्र के हमीरपुर गांव निवासी धर्मपाल रावत (46) और उनका पुत्र गोविंद रावत (26) सोमवार देर रात बाइक से केजीएमयू से घर लौट रहे थे। वे लखनऊ में भर्ती अपनी पत्नी और गोविंद की मां सियादुलारी की तबीयत देखने आए थे। रास्ते में दौलीखेड़ा मोड़ के पास एक अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।
>हादसा इतना भीषण था कि दोनों को गंभीर चोटें आईं। स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए पुलिस को सूचना दी और दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। गौतम रावत, जो मृतकों के बेटे और भाई हैं, ने बताया कि उनकी मां का इलाज केजीएमयू में चल रहा था। ऐसे में उनके पिता और भाई ने घर की चिंता छोड़ पहले मां को प्राथमिकता दी, लेकिन लौटते समय यह हादसा उनकी जिंदगी छीन ले गया। परिवार में एक साथ दो शव पहुंचने से कोहराम मच गया है। गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है।
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