>समाजवादी पार्टी (सपा) के राज्यसभा सांसद जावेद अली खान ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि संभल को जानबूझकर धर्मांतरण और पलायन के नाम पर बदनाम किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा का मकसद प्रदेश में हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण को हवा देना है, ताकि चुनावी फायदा उठाया जा सके।
>सांसद जावेद अली खान ने स्पष्ट कहा कि भाजपा सरकार संभल के प्रति द्वेषपूर्ण रवैया अपनाती है क्योंकि यहां हर चुनाव में उसकी हार का अंतर बढ़ता चला गया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर आंकड़े साझा करते हुए बताया कि धर्मांतरण या पलायन जैसी कोई बात नहीं है, बल्कि बेहतर शिक्षा और रोजगार की चाहत में मुस्लिम परिवार गांवों से शहर की ओर आए हैं।
>उन्होंने 1951 और 2011 की जनगणना के आंकड़े साझा किए। 1951 में संभल नगरीय क्षेत्र की आबादी 61,568 थी, जिसमें मुस्लिमों की हिस्सेदारी 71 प्रतिशत और हिंदुओं की 29 प्रतिशत थी। वहीं, 2011 में आबादी 2,20,813 पहुंच गई, जिसमें मुस्लिम 78 प्रतिशत और हिंदू 22 प्रतिशत रहे। सांसद ने कहा कि मुस्लिम आबादी में सात प्रतिशत वृद्धि का कारण न तो धर्मांतरण है और न ही पलायन, बल्कि गांवों से शिक्षा व रोजगार के अवसर तलाशते हुए परिवारों का शहर की ओर आना है।
>उन्होंने यह भी कहा कि 1986 में नगरपालिका क्षेत्र का परिसीमन हुआ था, जिसमें कई ग्रामीण क्षेत्रों को शामिल किया गया, जिससे मुस्लिम आबादी का प्रतिशत बढ़ा। सांसद ने दोहराया कि भाजपा तथ्य छुपाकर सिर्फ नफरत फैलाने और चुनावी राजनीति साधने का प्रयास कर रही है।
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