प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रशासन ने कालाबाजारी और अवैध बिक्री के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया है। 12 से 17 मार्च के बीच राज्यभर में बड़े पैमाने पर छापेमारी और निरीक्षण किए गए।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार इस अवधि में कुल 5813 स्थानों पर छापे और निरीक्षण किए गए। कार्रवाई के दौरान कालाबाजारी में संलिप्त 12 एलपीजी वितरकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई, जबकि अन्य 74 व्यक्तियों के विरुद्ध भी मुकदमे दर्ज हुए। इस अभियान में 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 85 व्यक्तियों के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई की गई।
सरकार के अनुसार सख्त कार्रवाई के साथ-साथ आपूर्ति व्यवस्था को भी सामान्य बनाए रखा गया है। प्रदेश के 4108 एलपीजी वितरकों के माध्यम से उपभोक्ताओं को बुकिंग के अनुरूप समय पर गैस रिफिल उपलब्ध कराया जा रहा है। घरेलू सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, जबकि वाणिज्यिक सिलेंडरों के लिए भारत सरकार द्वारा 20 प्रतिशत अतिरिक्त आवंटन की अनुमति दी गई है।
पूरे तंत्र की निगरानी के लिए खाद्यायुक्त कार्यालय में 24 घंटे संचालित कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इसके साथ ही जनपद स्तर पर भी कंट्रोल रूम सक्रिय किए गए हैं। जिला पूर्ति अधिकारी और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। प्रशासनिक स्तर पर जारी निगरानी और कार्रवाई के तहत आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने की प्रक्रिया जारी है।
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