बीमारी पर वार, टीके से बहार: यूपी में MR वैक्सीनेशन ड्राइव से जुड़ेगा हर बच्चा

News Desk 02 Jun 2025, 04:15 PM 1 min read
बीमारी पर वार, टीके से बहार: यूपी में MR वैक्सीनेशन ड्राइव से जुड़ेगा हर बच्चा


>उत्तर प्रदेश सरकार ने मीज़ल्स और रुबेला (MR) जैसी खतरनाक वायरल बीमारियों के खिलाफ सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक विशेष वैक्सीनेशन अभियान की शुरुआत की है। यह अभियान उन 321 विकासखंडों को टारगेट कर रहा है, जहां टीकाकरण कवरेज अब भी 95% से कम है।


>यह अभियान 1 जून से शुरू होकर 30 जून तक चलेगा और इसका उद्देश्य है कि हर पात्र बच्चे को MR वैक्सीन की दोनों डोज़ दी जाएं। राज्य प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. अजय गुप्ता के अनुसार, “हम सभी जिलों को समान प्राथमिकता दे रहे हैं, लेकिन जिन 12 जिलों में कवरेज सबसे कम है, वहां ज़मीनी नेटवर्क को मज़बूत करने के निर्देश दिए गए हैं।”

कहाँ है कमी?

राज्य के आंकड़ों के अनुसार:

MR-I (पहली डोज़) का कुल कवरेज: 101.05%

MR-II (दूसरी डोज़) का कवरेज: 97.67%

हालांकि:

12 जिलों के 205 ब्लॉकों में MR-I कवरेज 95% से कम है।

25 जिलों के 321 ब्लॉकों में MR-II कवरेज भी 95% से कम है।


>जिन ज़िलों में सबसे कम कवरेज दर्ज की गई है, उनमें शामिल हैं: ललितपुर, जालौन, कानपुर देहात, कानपुर, हमीरपुर, शामली, मथुरा, आजमगढ़, मेरठ, अलीगढ़, बांदा और सोनभद्र।

इस व्यापक अभियान के अंतर्गत:


> पहली डोज़ (MR-I) के लिए लगभग 53 लाख बच्चों को कवर करने का लक्ष्य है।


> दूसरी डोज़ (MR-II) के लिए 47 लाख बच्चों को वैक्सीन दी जाएगी।


>भारत सरकार ने 2026 तक मीज़ल्स और रुबेला को पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य रखा है। भारत का यूनिवर्सल इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम 9-12 महीने और 16-24 महीने की उम्र के बच्चों को MR वैक्सीन की दो मुफ्त डोज़ देता है।


>2025 में यूपी में मीज़ल्स संक्रमण दर सिर्फ 0.003% प्रति लाख जनसंख्या रही, जो कि छत्तीसगढ़ (0.009%), मध्य प्रदेश (0.006%) और आंध्र प्रदेश (0.005%) से कम है। यह राज्य के लिए एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन टीकाकरण के आंकड़ों में असमानता को दूर करना अभी भी एक बड़ी चुनौती है।

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