समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राजधानी लखनऊ में भारतीय जनता पार्टी की पदयात्रा को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आई महिलाओं को सड़ा हुआ भोजन दिया गया और उन्हें कार्यक्रम के उद्देश्य की जानकारी तक नहीं थी। लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि पदयात्रा में शामिल होने के लिए आई कई महिलाओं को यह तक नहीं पता था कि उन्हें क्यों बुलाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन महिलाओं को जबरन लाया गया और उनके साथ उचित व्यवहार नहीं किया गया।
सपा प्रमुख ने कहा कि महिलाओं को बुलाकर उन्हें खराब गुणवत्ता का भोजन दिया गया। उन्होंने तंज करते हुए यह भी कहा कि लखनऊ पहुंची महिलाएं यह तलाशती नजर आईं कि उनके ठहरने की व्यवस्था कौन करेगा। इस दौरान अखिलेश यादव ने पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि कुरैशी का समाज के प्रति योगदान उल्लेखनीय रहा है और वे गंगा-जमुनी तहजीब के मजबूत समर्थक थे। उन्होंने उनके व्यक्तित्व को सिद्धांतवादी बताते हुए कहा कि उन्होंने जीवनभर सेक्युलर मूल्यों को मजबूत करने का काम किया और महत्वपूर्ण फैसलों में हमेशा अग्रणी भूमिका निभाई।
प्रेस वार्ता के दौरान सपा अध्यक्ष ने गाजीपुर और हाथरस से जुड़े मामलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि हाथरस मामले में पीड़िता की अंतिम इच्छा तक पूरी नहीं होने दी गई, जबकि उन्होंने स्वयं प्रशासनिक अधिकारियों से इस विषय में बात की थी। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य में स्थिति चिंताजनक है। मीडिया पर भी टिप्पणी करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ चैनलों को पिछले वर्षों में भारी फंडिंग मिली है।
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