यूपी सिडको की 187वीं बोर्ड बैठक में संगठन की प्रशासनिक कार्यप्रणाली, तकनीकी दक्षता और विकास परियोजनाओं की प्रगति को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन, गुणवत्ता नियंत्रण और प्रभावी मॉनिटरिंग को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान यूपी सिडको द्वारा 1544 करोड़ रुपये का टर्नओवर हासिल किए जाने पर संतोष व्यक्त किया गया। साथ ही वर्ष 2026-27 के लिए 1650 करोड़ रुपये का नया लक्ष्य निर्धारित किया गया।
बैठक की अध्यक्षता यूपी सिडको चेयरमैन वाईपी सिंह ने की। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश देते हुए गुणवत्ता और पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता बनाए रखने को कहा। बोर्ड बैठक में संगठनात्मक ढांचे की समीक्षा भी की गई। कार्यप्रणाली को अधिक दक्ष और प्रभावी बनाने के लिए कुछ इकाइयों के विलय से जुड़े प्रस्तावों पर विचार-विमर्श हुआ। इसके अलावा पूर्व में लिए गए निर्णयों की समीक्षा करते हुए प्रशासनिक सुधार और बेहतर समन्वय के उपायों पर चर्चा की गई।
तकनीकी दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से यूपी सिडको के जूनियर इंजीनियर (JE) और असिस्टेंट इंजीनियर (AE) को मुख्यालय स्तर पर विशेष तकनीकी प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया गया। अधिकारियों को नई व्यवस्थाओं और तकनीकी प्रक्रियाओं के अनुरूप स्वयं को लगातार अपडेट रखने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में निर्माणाधीन परियोजनाओं की स्थिति पर भी चर्चा हुई। मुख्य अभियंता ने विभिन्न निर्माण कार्यों और परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत की। बताया गया कि निर्माणाधीन भवनों का समय-समय पर निरीक्षण किया जा रहा है ताकि कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।
यूपी सिडको को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रबंधन स्तर पर नई रणनीतियों पर भी विचार किया गया। बोर्ड सदस्यों ने कार्यकुशलता बढ़ाने और परियोजनाओं की निगरानी को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। बैठक में प्रबंध निदेशक संजीव सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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