>उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए मिशन मोड में काम कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश के 286 राजकीय आईटीआई में 1.84 लाख से अधिक सीटों पर प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है। रविवार को आयोजित कार्यक्रम में वर्ष 2025 में चयनित 1510 अनुदेशकों को नियुक्ति पत्र मुख्यमंत्री के हाथों प्रदान किए गए, जबकि शेष 341 पदों का परिणाम जल्द घोषित होगा। प्रदेश भर में सांसद और विधायक भी युवाओं को नियुक्ति पत्र देकर उनके सपनों को साकार बनाने में सहभागी बने।
>सरकार ने पिछले आठ वर्षों में 60 से अधिक नए आईटीआई की स्थापना की है। टाटा टेक्नोलॉजीज और 18 अन्य विश्वस्तरीय कंपनियों के सहयोग से प्रथम चरण में 150 आईटीआई का उन्नयन किया गया, जिसमें 9 नए ट्रेड और 23 शॉर्ट टर्म कोर्स शुरू किए गए। इस परियोजना पर लगभग 5000 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं और प्रत्येक वर्ष 15,000 से अधिक युवा प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
>उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के तहत अब तक 14 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनमें से 5.65 लाख को रोजगार और सेवायोजन से जोड़ा गया। प्रोजेक्ट प्रवीण के माध्यम से स्कूल स्तर के 20,000 छात्रों को राष्ट्रीय स्तर के प्रमाणपत्र प्रदान किए गए हैं। रोजगार मेलों के माध्यम से 4.13 लाख से अधिक युवाओं को नौकरी के अवसर मिल चुके हैं।
>आईटीआई के माध्यम से सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रिक व्हीकल, लेजर कटिंग, सीएनसी, थ्री डी प्रिंटिंग और डिजिटल कम्युनिकेशन जैसी भविष्य की तकनीकों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना के तहत 1.80 लाख ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षण मिला, जिनमें से 1.30 लाख को रोजगार से जोड़ा गया। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत 1.20 लाख कारीगरों को लाभान्वित किया गया और योग्य लाभार्थियों को 1 लाख रूपए ब्याजमुक्त ऋण भी प्रदान किया गया।
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