विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों में अब लागू होगा ड्रेस कोड, राज्यपाल के निर्देश पर सरकार की बड़ी तैयारी

समानता और अनुशासन बढ़ाने के उद्देश्य से प्रदेश के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में एक जैसी वेशभूषा लागू करने की तैयारी
Bureau 21 May 2026, 06:13 PM 1 min read
विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों में अब लागू होगा ड्रेस कोड, राज्यपाल के निर्देश पर सरकार की बड़ी तैयारी

 

उत्तर प्रदेश में अब विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों में भी स्कूलों की तर्ज पर ड्रेस कोड लागू करने की तैयारी शुरू हो गई है। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के निर्देश के बाद प्रदेश सरकार ने उच्च शिक्षण संस्थानों में एक समान वेशभूषा लागू करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य छात्र-छात्राओं के बीच समानता, अनुशासन और सामाजिक समरसता को मजबूत करना है।

 

उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्ता सुधार के साथ अनुशासित और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण तैयार करने की दिशा में लगातार काम कर रही है। इसी क्रम में सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में यथासंभव एक समान ड्रेस कोड लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे छात्रों के बीच समान अवसर और समरूपता की भावना को बढ़ावा मिलेगा।

 

मंत्री ने कहा कि छात्र वर्ग एक समरूप वर्ग होता है, जहां किसी प्रकार का सामाजिक या आर्थिक भेदभाव दिखाई नहीं देना चाहिए। कई बार पहनावे के कारण छात्रों के बीच आर्थिक असमानता स्पष्ट रूप से नजर आती है, जिससे कुछ छात्रों में हीन भावना और कुछ में श्रेष्ठता का भाव विकसित हो जाता है। ड्रेस कोड लागू होने के बाद इन स्थितियों पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा और सभी विद्यार्थियों को समान वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

 

योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल शैक्षणिक गुणवत्ता को बढ़ाना नहीं है, बल्कि शिक्षण संस्थानों में संस्कारित, अनुशासित और सकारात्मक माहौल तैयार करना भी है। उनके अनुसार ड्रेस कोड अनुशासन का प्रतीक होने के साथ-साथ सामाजिक समरसता और समानता को मजबूत करने का माध्यम भी बनेगा। इससे छात्र-छात्राओं का ध्यान पहनावे की प्रतिस्पर्धा के बजाय शिक्षा और व्यक्तित्व विकास पर अधिक केंद्रित रहेगा।

 

 

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार उच्च शिक्षा संस्थानों को आधुनिक शैक्षणिक ढांचे और बेहतर अनुशासन व्यवस्था से जोड़ने के लिए लगातार सुधारात्मक कदम उठा रही है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में एकरूपता आधारित शैक्षणिक संस्कृति विकसित होने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि यह पहल विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत के लक्ष्य को मजबूत आधार प्रदान करेगी।

← Previous Story Next Story →

 

टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें


Related News

अलीगंज अग्निकांड के बाद केजीएमयू पहुंचे अखिलेश यादव, पीड़ित परिवारों के लिए एक करोड़ रुपये की मदद की मांग
15 मौतों के बाद खुलीं पुरानी फाइलें, रिपोर्ट में सामने आए 1043 भवनों से जुड़े तथ्य
मोमबत्तियों की रोशनी में नम हुई आंखें, छात्रों की याद में निकला कैंडल मार्च
रात 3:30 बजे चीखों से टूटी लोगों की नींद, छत पर पहुंचते ही सामने था खून से लथपथ मां का चेहरा
'दो विधान, दो प्रधान, दो निशान नहीं चलेंगे'... बलिदान दिवस पर CM योगी ने याद किया डॉ. मुखर्जी का संदेश
अब बीएसबी स्कूलों के छात्रों के रिकॉर्ड भी राष्ट्रीय व्यवस्था से जुड़ेंगे, यूपी सरकार ने तेज की बड़ी प्रक्रिया
जिस इमारत में गईं 15 जानें, अब उसी पर बुलडोजर की तैयारी? 2016 का आदेश फिर चर्चा में
लखनऊ अग्निकांड के बाद सवालों की बौछार, संसद से बुलडोजर कार्रवाई तक तेज हुई सियासत
2016 में गिराने का आदेश हुआ था, फिर 15 लोगों की जान लेने वाली इमारत कैसे बची रही?