विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पर्यावरण संरक्षण और हरित औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित होने जा रहा है। 5 जून को लखनऊ छावनी स्थित दिलकुशा लॉन में आयोजित होने वाले बायोयुग ग्रीन कमांड-2026 के दौरान बायोप्लास्टिक को बड़े पैमाने पर अपनाने की दिशा में नई पहल का शुभारंभ किया जाएगा। कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। इस आयोजन का उद्देश्य पारंपरिक प्लास्टिक के विकल्प के रूप में बायोप्लास्टिक को प्रोत्साहित करना और पर्यावरण-अनुकूल औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना है।
उत्तर प्रदेश सरकार पिछले कुछ वर्षों से एथेनॉल उत्पादन, जैव ऊर्जा और हरित उद्योगों को बढ़ावा देने की दिशा में विभिन्न कदम उठा रही है। इसी क्रम में अब गन्ना आधारित उद्योगों से विकसित हो रहे नवाचारों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। बायोप्लास्टिक को पारंपरिक प्लास्टिक के संभावित विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। इसका उद्देश्य प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने के साथ-साथ सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देना है।
यह कार्यक्रम भारत की प्रमुख इंटीग्रेटेड शुगर एवं एथेनॉल कंपनियों में शामिल बलरामपुर चीनी मिल्स लिमिटेड और लखनऊ कैंटोनमेंट बोर्ड के संयुक्त प्रयास से आयोजित किया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम में नीति निर्माताओं, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, रक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञों, शोध संस्थानों और पर्यावरण विशेषज्ञों की भागीदारी रहेगी। विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ बायोप्लास्टिक उद्योग की संभावनाओं और चुनौतियों पर चर्चा करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान बायोप्लास्टिक उत्पादन क्षमता बढ़ाने, निवेश आकर्षित करने और बाजार विस्तार की संभावनाओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया जाएगा। इस पहल को राज्य में हरित उद्योगों को बढ़ावा देने और पर्यावरण-अनुकूल उत्पादन प्रणाली विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कार्यक्रम में दो प्रमुख पैनल चर्चाएं आयोजित की जाएंगी।
पहली चर्चा "मैंडेट टू मार्केट : अनलॉकिंग द बायोप्लास्टिक्स वैल्यू चेन इन उत्तर प्रदेश" विषय पर होगी। इसमें उत्तर प्रदेश में बायोप्लास्टिक उद्योग के विकास, निवेश संभावनाओं और सरकारी सहयोग पर चर्चा की जाएगी।
दूसरी चर्चा "फ्रॉम मेस टू मिशन : बायोप्लास्टिक्स फॉर डिफेंस" विषय पर केंद्रित होगी। इस सत्र में रक्षा क्षेत्र में बायोप्लास्टिक के उपयोग, अपशिष्ट प्रबंधन और पर्यावरणीय लाभों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विशेषज्ञ विचार साझा करेंगे।
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