अंबेडकरनगर, मंगलवार। राजकीय मेडिकल कॉलेज, अंबेडकरनगर में मरीजों को आधुनिक और विशिष्ट जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में केंद्रीय प्रयोगशाला को अत्याधुनिक बनाया गया है। प्रयोगशाला में आधुनिक मशीनों, नवीनतम परीक्षण सुविधाओं और उन्नत तकनीकी संसाधनों को शामिल किया गया है। मंगलवार को मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) मुकेश यादव ने केंद्रीय प्रयोगशाला का विधिवत उद्घाटन किया।
मेडिकल कॉलेज के अनुसार, केंद्रीय प्रयोगशाला में कई महत्वपूर्ण और विशिष्ट जांच सुविधाएं चरणबद्ध तरीके से शुरू की जाएंगी। इनमें रक्त, हृदय, संक्रमण एवं सूजन, थायरॉयड, प्रोस्टेट, कैंसर, गुर्दे और थैलेसीमिया से संबंधित कई परीक्षण शामिल हैं। नई केंद्रीय प्रयोगशाला में रेटिकुलोसाइट काउंट, हाई-सेंसिटिविटी सीआरपी, प्रोकैल्सिटोनिन, डी-डाइमर, एंटी-टीपीओ, फ्री पीएसए, फ्री टी3, अल्फा-फीटोप्रोटीन, सीईए, सीए-125, सीए 19-9 और एनटी-प्रोबीएनपी जैसी जांचें उपलब्ध कराने की योजना है। इसके अलावा 24 घंटे के मूत्र में प्रोटीन, यूरिनरी माइक्रोएल्ब्यूमिन, माइक्रोप्रोटीन और यूरिनरी एल्ब्यूमिन-क्रिएटिनिन अनुपात जैसी जांच सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। मेडिकल कॉलेज में थैलेसीमिया प्रोफाइल जैसी विशिष्ट जांच सुविधा भी शुरू की जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक, इन परीक्षणों को चरणबद्ध तरीके से मरीजों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।
केंद्रीय प्रयोगशाला में प्रस्तावित नई जांच सुविधाएं कई अलग-अलग स्वास्थ्य स्थितियों के निदान और मरीजों की निगरानी में चिकित्सकों के लिए उपयोगी होंगी। डी-डाइमर और एनटी-प्रोबीएनपी जैसी जांचें हृदय तथा रक्त से संबंधित चिकित्सकीय आकलन में उपयोग की जाती हैं। वहीं प्रोकैल्सिटोनिन संक्रमण के चिकित्सकीय आकलन में उपयोगी परीक्षणों में शामिल है। थायरॉयड से संबंधित परीक्षणों के लिए एंटी-टीपीओ और फ्री टी3 जैसी जांचें उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रोस्टेट से संबंधित जांच के लिए फ्री पीएसए भी प्रस्तावित सुविधाओं में शामिल है। कैंसर से जुड़े विभिन्न ट्यूमर मार्करों की जांच के लिए अल्फा-फीटोप्रोटीन, सीईए, सीए-125 और सीए 19-9 जैसी जांचें उपलब्ध होंगी। इसी तरह मूत्र से संबंधित विभिन्न परीक्षणों के माध्यम से गुर्दे की कार्यप्रणाली और उससे जुड़ी स्थितियों के चिकित्सकीय आकलन में सहायता मिलेगी। थैलेसीमिया प्रोफाइल भी प्रस्तावित जांचों में शामिल है, जिससे इस बीमारी से संबंधित जांच सुविधा मेडिकल कॉलेज की केंद्रीय प्रयोगशाला में उपलब्ध होगी।
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केंद्रीय प्रयोगशाला के सुदृढ़ीकरण का एक प्रमुख उद्देश्य मेडिकल कॉलेज में ही अधिक से अधिक विशिष्ट और गुणवत्तापूर्ण जांच सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, नई सुविधाओं के शुरू होने के बाद मरीजों को कई विशिष्ट जांचों के लिए दूसरे केंद्रों पर जाने की जरूरत कम होगी। इससे जांच प्रक्रिया के लिए मरीजों और उनके परिजनों को दूसरे जांच केंद्रों का रुख करने की आवश्यकता कम पड़ सकती है। नई सुविधाओं के माध्यम से जांच रिपोर्ट मिलने में लगने वाले समय को कम करने और रोगों के शीघ्र तथा सटीक निदान में चिकित्सकों को सहायता मिलने की बात कही गई है। उपचार के दौरान मरीजों की निगरानी में भी इन जांच सुविधाओं का उपयोग किया जा सकेगा।
केंद्रीय प्रयोगशाला की सभी प्रस्तावित सुविधाएं एक साथ शुरू करने के बजाय चरणबद्ध तरीके से मरीजों के लिए उपलब्ध कराई जाएंगी। केंद्रीय प्रयोगशाला के नोडल अधिकारी प्रो. (डॉ.) मनोज कुमार गुप्ता और को-नोडल अधिकारी डॉ. आमोद कुमार ने बताया कि नई जांच सुविधाएं शीघ्र ही चरणबद्ध रूप से मरीजों के लिए शुरू की जाएंगी। उन्होंने बताया कि प्रयोगशाला को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने का उद्देश्य मेडिकल कॉलेज में ही अधिक से अधिक विशिष्ट, विश्वसनीय और गुणवत्तापूर्ण जांच उपलब्ध कराना है।
केंद्रीय प्रयोगशाला के उद्घाटन के अवसर पर मेडिकल कॉलेज के कई चिकित्सक और अधिकारी मौजूद रहे। समारोह में सीएमएस डॉ. बृजेश, डॉ. मुकेश राना, डॉ. अमित पटेल, डॉ. अजय सिंह, डॉ. अमित गुप्ता, डॉ. अमित कुमार गुप्ता, डॉ. संदीप कुमार शर्मा, डॉ. अनिल सिंह, डॉ. मुकुल, डॉ. आशीष, डॉ. राजेश्वरी और डॉ. श्वेता समेत मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) मुकेश यादव ने केंद्रीय प्रयोगशाला का उद्घाटन किया। इसके साथ ही प्रयोगशाला में आधुनिक परीक्षण सुविधाओं को मरीजों तक पहुंचाने की प्रक्रिया आगे बढ़ी है। केंद्रीय प्रयोगशाला में प्रस्तावित जांचों की सूची में सामान्य परीक्षणों के साथ कई विशिष्ट जांचें भी शामिल हैं। इससे हृदय रोग, संक्रमण एवं सूजन संबंधी बीमारियों, थायरॉयड विकारों, प्रोस्टेट संबंधी रोगों, विभिन्न प्रकार के कैंसर से जुड़े ट्यूमर मार्कर, गुर्दे से संबंधित रोगों और थैलेसीमिया के चिकित्सकीय आकलन के लिए जांच सुविधाओं का दायरा बढ़ेगा। इन जांचों के परिणाम चिकित्सकों को मरीज की स्थिति के आकलन और उपचार के दौरान निगरानी में सहायता प्रदान कर सकते हैं। हालांकि, किसी भी जांच का चिकित्सकीय अर्थ मरीज की स्थिति और चिकित्सक के आकलन के संदर्भ में ही निर्धारित किया जाता है।