अम्बेडकरनगर का PHC अरियौना बदहाल, एक डॉक्टर के भरोसे मरीजों का इलाज

10 Sep 2026

अकबरपुर क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अरियौना में स्वास्थ्य सेवाओं और परिसर की व्यवस्था को लेकर स्थिति सामने आई है। पीएचसी परिसर में सफाई व्यवस्था खराब नजर आई और अस्पताल का परिसर झाड़ियों से घिरा हुआ दिखाई दिया। मौके पर सफाई कर्मचारी की तैनाती नहीं होने की जानकारी भी सामने आई।

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ग्रामीण और आसपास के क्षेत्रों में लोगों को प्राथमिक स्तर पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे में अस्पताल परिसर की साफ-सफाई और नियमित रखरखाव भी स्वास्थ्य केंद्र की मूलभूत व्यवस्थाओं का हिस्सा है।

अरियौना पीएचसी में मौके पर दिखाई दी स्थिति में परिसर के कई हिस्सों में झाड़ियां नजर आने की बात सामने आई। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, सफाई कर्मचारी की तैनाती नहीं होने के कारण परिसर की सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति बताई गई।

पीएचसी में चिकित्सकों की उपलब्धता को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं रही। केंद्र पर तीन डॉक्टरों की व्यवस्था बताई जा रही है, लेकिन मौके पर मरीजों को देखते हुए डॉ. रमापति राय ही मिले।

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डॉ. चंद्रप्रकाश के अटैच होने की जानकारी सामने आई। वहीं, एक अन्य डॉक्टर के संबंध में मौके पर स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी। इस स्थिति में पीएचसी पर उपलब्ध चिकित्सकीय स्टाफ और वास्तविक तौर पर मरीजों को सेवा देने वाले चिकित्सकों की संख्या में अंतर दिखाई दिया।

मरीजों के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सक की उपलब्धता महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को प्राथमिक उपचार के लिए इसी तरह के स्वास्थ्य केंद्रों पर निर्भर रहना पड़ता है।

पीएचसी की व्यवस्था में फार्मासिस्ट राजेश पर भी अतिरिक्त जिम्मेदारी होने की जानकारी सामने आई। वह मरीजों की पर्ची काटने के साथ दवा उपलब्ध कराने का काम करते नजर आए।

एक ही कर्मचारी द्वारा पर्ची बनाने और दवा वितरण से जुड़े काम किए जाने की स्थिति केंद्र पर उपलब्ध मानव संसाधन से जुड़ी जानकारी सामने लाती है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि इन जिम्मेदारियों के लिए अतिरिक्त स्टाफ की व्यवस्था किस स्तर पर की गई है। वहीं, वार्ड बॉय के छुट्टी पर होने की जानकारी भी मौके पर मिली। इससे अस्पताल में उस समय उपलब्ध कर्मचारियों की संख्या सीमित होने की स्थिति सामने आई।

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अरियौना में इमरजेंसी सेवाओं को लेकर भी जानकारी सामने आई है। बताया गया कि सांप काटने के मरीजों के लिए एंटी-स्नेक वेनम की सुविधा जिला अस्पताल में उपलब्ध है।

पीएचसी में इमरजेंसी के दौरान आने वाले गंभीर मरीजों को जिला अस्पताल रेफर किए जाने की जानकारी भी सामने आई। यानी गंभीर स्थिति वाले मरीजों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से आगे की चिकित्सा सुविधा के लिए जिला अस्पताल भेजा जाता है।

सांप काटने जैसी आपात स्थिति में एंटी-स्नेक वेनम की उपलब्धता महत्वपूर्ण होती है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अरियौना पीएचसी पर ऐसी सुविधा के बजाय मरीजों को जिला अस्पताल भेजे जाने की व्यवस्था बताई गई है।

अरियौना पीएचसी की स्थिति से संबंधित उपलब्ध जानकारी में कई स्तरों पर स्टाफ और सुविधाओं से जुड़ी बातें सामने आई हैं। इनमें सबसे पहले परिसर की सफाई व्यवस्था का मुद्दा है। अस्पताल परिसर झाड़ियों से घिरा नजर आया और सफाई कर्मचारी की तैनाती नहीं होने की जानकारी मिली।

चिकित्सकों की स्थिति में तीन डॉक्टरों की व्यवस्था बताई गई, लेकिन मौके पर डॉ. रमापति राय मरीजों को देखते मिले। डॉ. चंद्रप्रकाश के अटैच होने की जानकारी सामने आई, जबकि एक अन्य डॉक्टर के बारे में मौके पर स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी। इसके अलावा फार्मासिस्ट राजेश द्वारा पर्ची बनाने और दवा देने का काम किए जाने तथा वार्ड बॉय के छुट्टी पर होने की जानकारी सामने आई।

पीएचसी स्तर पर प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर मरीजों को उच्च स्तर की स्वास्थ्य सुविधा वाले अस्पताल में भेजा जाना चिकित्सा व्यवस्था का हिस्सा हो सकता है। अरियौना पीएचसी से संबंधित उपलब्ध जानकारी में भी गंभीर मरीजों को जिला अस्पताल रेफर किए जाने की बात सामने आई है। खास तौर पर इमरजेंसी में आने वाले मरीजों के संबंध में यह जानकारी सामने आई कि गंभीर स्थिति होने पर उन्हें जिला अस्पताल भेजा जाता है। वहीं, सांप काटने के मामलों में एंटी-स्नेक वेनम की सुविधा जिला अस्पताल में मिलने की जानकारी दी गई है।