अम्बेडकरनगर, 10 सितंबर 2026। अलीगंज थाना क्षेत्र में मानसिक रूप से अस्वस्थ अवस्था में मिले एक अज्ञात युवक की पुलिस ने रेटिना और फिंगरप्रिंट मिलान के जरिए पहचान की। पहचान होने के बाद पुलिस ने उसके परिजनों से संपर्क किया और युवक को सकुशल परिवार के पास पहुंचाया। पुलिस के अनुसार, युवक की पहचान पंकज कुमार के रूप में हुई है, जो लखनऊ के आशुतोष नगर का निवासी है।
यह मामला 2 सितंबर 2026 का है। पुलिस के मुताबिक, क्षेत्र में एक व्यक्ति के लावारिस और मानसिक रूप से अस्वस्थ अवस्था में मिलने की सूचना पीआरवी को मिली थी। सूचना मिलने के बाद पीआरवी टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर व्यक्ति को सुरक्षित थाना अलीगंज पहुंचाया।
पुलिस के अनुसार, 2 सितंबर को पीआरवी को सूचना मिली थी कि क्षेत्र में एक व्यक्ति लावारिस अवस्था में मिला है और उसकी मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं है। मौके पर पहुंची पीआरवी टीम ने युवक को सुरक्षित अपने साथ लिया और थाना अलीगंज पहुंचाया। युवक की पहचान तत्काल स्पष्ट नहीं हो सकी थी। ऐसे में उसकी पहचान और उसके परिवार तक पहुंचने के लिए पुलिस ने तकनीकी माध्यम का इस्तेमाल किया।
यह खबर भी पढ़े - अम्बेडकरनगर के मुस्तफाबाद का एकमात्र मुख्य मार्ग बदहाल, स्कूली बच्चे परेशान
थाना अलीगंज के थानाध्यक्ष सुनील कुमार पाण्डेय और पुलिस टीम ने युवक की पहचान के लिए रेटिना और फिंगरप्रिंट मिलान का सहारा लिया। पुलिस के अनुसार, तकनीकी जांच के जरिए युवक की पहचान पंकज कुमार के रूप में हुई। पुलिस ने बताया कि पंकज कुमार आशुतोष नगर, थाना कृष्णानगर, लखनऊ के निवासी हैं। पहचान सामने आने के बाद पुलिस टीम ने उनके परिजनों से संपर्क किया। इस प्रक्रिया से पुलिस को अज्ञात अवस्था में थाने पहुंचे युवक के परिवार की जानकारी मिली और उसे उसके परिजनों तक पहुंचाने की कार्रवाई की गई।
पहचान की पुष्टि होने के बाद अलीगंज थाना पुलिस ने पंकज कुमार के परिजनों से संपर्क किया। इसके बाद युवक को उसकी माता सुनीता के सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई के बाद मानसिक रूप से अस्वस्थ अवस्था में मिले युवक को उसके परिवार से मिलाया जा सका। युवक को सुरक्षित रूप से परिजनों के सुपुर्द किए जाने के साथ यह प्रक्रिया पूरी हुई।
पंकज कुमार की पहचान कर उन्हें परिजनों से मिलाने की कार्रवाई के बाद पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह ने संबंधित पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। सम्मान पाने वालों में थानाध्यक्ष सुनील कुमार पाण्डेय समेत पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस अधीक्षक की ओर से यह सम्मान युवक की पहचान और उसके परिजनों तक पहुंचाने के लिए की गई कार्रवाई के संदर्भ में दिया गया।
इस मामले में पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति की पहचान के लिए रेटिना और फिंगरप्रिंट मिलान का इस्तेमाल किया। शुरुआत में युवक की पहचान स्पष्ट नहीं थी और वह मानसिक रूप से अस्वस्थ अवस्था में मिला था। ऐसे में उसकी पहचान स्थापित करने के लिए पुलिस टीम ने उपलब्ध तकनीकी माध्यम का इस्तेमाल किया। पहचान होने के बाद पुलिस को युवक के नाम और उसके निवास से संबंधित जानकारी मिली। इसके आधार पर उसके परिजनों से संपर्क किया गया।
Explore Related Topics
टिप्पणियाँ
टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें