मुंबई। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता किरीट सोमैया ने दावा किया है कि मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) ने छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल-2 के पास बने एक मस्जिद के ढांचे को हटाने के निर्देश दिए हैं। सोमैया के मुताबिक, एमएमआरडीए ने इस ढांचे को अवैध बताया है और कहा है कि इसके लिए कोई अनुमति नहीं दी गई थी।
सोमैया ने इस मामले को लेकर मुंबई एयरपोर्ट और एमएमआरडीए से संबंधित लोगों के खिलाफ पुलिस जांच और प्राथमिकी दर्ज करने की मांग भी की है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पत्र साझा करते हुए एमएमआरडीए की ओर से मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड को दिए गए निर्देश का हवाला दिया।
किरीट सोमैया के अनुसार, मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल-2 के पास एक मस्जिद का निर्माण हुआ है। उन्होंने दावा किया कि यह ढांचा एयरपोर्ट के वीआईपी गेट के नजदीक स्थित है। भाजपा नेता ने कहा कि उन्होंने इस मामले को उठाया था। उनके मुताबिक, इसके बाद महाराष्ट्र सरकार की ओर से एमएमआरडीए ने मुंबई एयरपोर्ट कंपनी को चेतावनी दी और संबंधित ढांचे को हटाने के निर्देश दिए।
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सोमैया ने अपने बयान में यह भी कहा कि एमएमआरडीए ने मस्जिद को बिना अनुमति वाला ढांचा बताया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उनके दावे में यह भी कहा गया है कि संबंधित निर्माण के लिए कोई मंजूरी नहीं दी गई थी। हालांकि, उपलब्ध सामग्री में एमएमआरडीए या मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड की ओर से इस मामले पर कोई स्वतंत्र बयान दर्ज नहीं है। इसलिए मस्जिद को अवैध बताए जाने और उसे हटाने के निर्देश से संबंधित जानकारी को यहां सोमैया के दावे और उनके द्वारा साझा किए गए पत्र के संदर्भ में ही प्रस्तुत किया जा रहा है।
किरीट सोमैया ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पत्र साझा किया। उन्होंने कहा कि एमएमआरडीए के मुताबिक यह एक अवैध मस्जिद है और इसके निर्माण के लिए कोई मंजूरी नहीं दी गई थी। सोमैया के अनुसार, एमएमआरडीए ने मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड से इस ढांचे को तुरंत हटाने के लिए कहा है। भाजपा नेता ने इसी पत्र के आधार पर मामले को सार्वजनिक रूप से उठाया है। उन्होंने यह भी मांग की है कि निर्माण से जुड़े ट्रस्टियों और अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाए। इसके अलावा उन्होंने पुलिस जांच की मांग की है, ताकि इस मामले से जुड़े तथ्यों की जांच हो सके।
भाजपा नेता किरीट सोमैया ने इस मामले को 'लैंड जिहाद' से जोड़ते हुए आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मस्जिद, कब्र या दरगाह के नाम पर संवेदनशील इलाकों में इस तरह की गतिविधियां की जाती हैं। सोमैया ने कहा कि वह ऐसी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करेंगे और उन्होंने मामले की पुलिस जांच की मांग की है। यह ध्यान रखना जरूरी है कि 'लैंड जिहाद' शब्द का इस्तेमाल इस मामले में सोमैया के बयान के संदर्भ में किया गया है। उपलब्ध जानकारी में इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि या संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया दर्ज नहीं है।
किरीट सोमैया ने इस मामले के साथ मुंबई में जनसंख्या और बसावट को लेकर भी राजनीतिक आरोप लगाए। उन्होंने आरोप लगाया कि एक व्यवस्थित तरीके से 'मराठी मुंबई' को 'मुस्लिम मुंबई' में बदला जा रहा है। उन्होंने अपने बयान में बांद्रा रेलवे टर्मिनस के पास बांग्लादेशी मुस्लिमों के बसने का भी जिक्र किया। इसके बाद उन्होंने मुंबई एयरपोर्ट के वीआईपी गेट के नजदीक मस्जिद बनाए जाने का दावा किया। उपलब्ध जानकारी में इन आरोपों के समर्थन में कोई स्वतंत्र आंकड़ा या आधिकारिक रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई गई है। इसलिए इन्हें भाजपा नेता के राजनीतिक दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
सोमैया ने मस्जिद में मौजूद सुविधाओं का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, मस्जिद में 12 एयर कंडीशनर और 30 पानी के नल हैं। उन्होंने इन सुविधाओं का उल्लेख करते हुए निर्माण और इसके इस्तेमाल से जुड़े सवाल उठाए तथा संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच कराने की मांग की। उपलब्ध सामग्री में इन सुविधाओं से संबंधित किसी सरकारी निरीक्षण रिपोर्ट या स्वतंत्र सत्यापन की जानकारी नहीं दी गई है।
इस पूरे मामले पर बयान देते हुए किरीट सोमैया ने कांग्रेस और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले राजनीतिक खेमे पर भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा, "कांग्रेस और उद्धव ठाकरे वोट के लिए देश की सुरक्षा को भी बेचने के लिए तैयार हो जाते हैं।" यह बयान सोमैया की राजनीतिक प्रतिक्रिया के रूप में है। उपलब्ध सामग्री में कांग्रेस या उद्धव ठाकरे की ओर से इस आरोप पर कोई प्रतिक्रिया शामिल नहीं है।
मामले में किरीट सोमैया ने पुलिस जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि मस्जिद के निर्माण के पीछे शामिल ट्रस्टियों और अन्य लोगों की भूमिका की जांच होनी चाहिए। उन्होंने मुंबई एयरपोर्ट और एमएमआरडीए से संबंधित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का अनुरोध भी किया है। उनके अनुसार, जांच के जरिए यह स्पष्ट होना चाहिए कि संबंधित ढांचे का निर्माण किसकी अनुमति से हुआ और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।
सोमैया द्वारा साझा किए गए पत्र को लेकर उनका दावा है कि एमएमआरडीए ने मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड को संबंधित ढांचे को हटाने के लिए कहा है। उनके अनुसार, प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया है कि मस्जिद के लिए कोई अनुमति नहीं दी गई थी। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में एमएमआरडीए के पत्र का पूरा आधिकारिक पाठ या मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड की प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है। इसलिए इस घटनाक्रम में आधिकारिक पक्ष की पुष्टि के लिए संबंधित प्राधिकरणों का प्रत्यक्ष बयान महत्वपूर्ण होगा।
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