नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में स्नातक पाठ्यक्रमों के दाखिले की प्रक्रिया के बीच छात्रों को किसी भी तरह की तकनीकी या प्रक्रिया संबंधी परेशानी से बचाने के लिए कॉलेजों ने विशेष तैयारी शुरू कर दी है। इस बार कई कॉलेजों में विद्यार्थियों की सहायता के लिए 24 घंटे हेल्पलाइन और काउंसलिंग व्यवस्था उपलब्ध रहेगी, ताकि दाखिले से जुड़ा कोई भी महत्वपूर्ण चरण जानकारी के अभाव या तकनीकी समस्या के कारण प्रभावित न हो।
कॉलेज प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दस्तावेज़ों के सत्यापन, विषय और कॉलेज के चयन, सीट स्वीकार करने या अन्य औपचारिकताओं के दौरान छात्रों को समय पर मार्गदर्शन मिल सके और कोई भी अभ्यर्थी केवल प्रक्रिया संबंधी कठिनाइयों की वजह से दाखिले से वंचित न रहे।
दाखिला प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए विभिन्न कॉलेजों ने प्रत्येक विभाग से प्रोफेसरों की ड्यूटी लगाई है। ये शिक्षक विद्यार्थियों को पात्रता, विषय चयन, दस्तावेज़, सीट स्वीकार करने और दाखिला प्रक्रिया से जुड़े अन्य प्रश्नों पर मार्गदर्शन देंगे।
कई कॉलेजों ने केवल फोन हेल्पलाइन तक ही व्यवस्था सीमित नहीं रखी है, बल्कि ई-मेल और व्हाट्सऐप के माध्यम से भी छात्रों की समस्याओं का समाधान उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि अलग-अलग माध्यमों से सहायता प्राप्त की जा सके।
श्री वेंकटेश्वर कॉलेज की दाखिला समिति की संयोजक डॉ. शैफाली शुक्ला के अनुसार कॉलेज में दाखिला समिति और शिकायत निवारण समिति पहले से सक्रिय हैं। उन्होंने बताया कि दाखिले के दौरान छात्रों को दस्तावेज़ों के सत्यापन, पसंदीदा कॉलेज चुनने और निर्धारित समय के भीतर पूरी प्रक्रिया पूरी करने के लिए सीमित समय मिलता है।
इसी कारण प्रत्येक पाठ्यक्रम के प्रोफेसरों की रोटेशन के आधार पर ड्यूटी लगाई गई है, ताकि हेल्पलाइन पर विद्यार्थियों को चौबीसों घंटे आवश्यक सहायता और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा सके।
दिल्ली विश्वविद्यालय में स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए दूसरे चरण का पंजीकरण 11 जुलाई तक जारी रहेगा। विश्वविद्यालय के कार्यक्रम के अनुसार 10 और 11 जुलाई को करेक्शन विंडो भी खुली रहेगी, जिससे छात्र आवेदन में आवश्यक संशोधन कर सकेंगे।
इसके बाद 12 जुलाई शाम 5 बजे कॉमन सीट आवंटन प्रणाली (सीएसएएस) के तहत पहली अनुमानित रैंक जारी की जाएगी। रैंक जारी होने के बाद छात्रों को 13 जुलाई शाम तक अपनी कॉलेज और पाठ्यक्रम की प्राथमिकताओं में बदलाव करने का अवसर मिलेगा।
विश्वविद्यालय के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 16 जुलाई को पहली सीट आवंटन सूची जारी की जाएगी। इसके बाद विद्यार्थियों को तय समय के भीतर सीट स्वीकार करनी होगी, आवश्यक दस्तावेज़ों का सत्यापन कराना होगा और प्रवेश शुल्क जमा करना होगा।
दाखिला प्रक्रिया के इन सभी चरणों के लिए समय सीमित होने के कारण विश्वविद्यालय और कॉलेज प्रशासन ने हेल्पलाइन व्यवस्था को विशेष रूप से सक्रिय रखने का निर्णय लिया है, ताकि किसी भी छात्र को तकनीकी समस्या, दस्तावेज़ों की कमी या प्रक्रिया संबंधी भ्रम के कारण परेशानी का सामना न करना पड़े।