लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस के गीत ‘खाकी का सितारा’ का शुक्रवार को लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में शुभारंभ किया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था, पुलिस के शौर्य और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार की नीति का उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन का आधार सुरक्षा है और सुशासन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रदेश में सुरक्षित माहौल जरूरी है। उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश की तस्वीर बदली है और प्रदेश को मिली नई पहचान के पीछे सुरक्षा का भाव महत्वपूर्ण रहा है। सीएम योगी ने अपने संबोधन में पुलिस की कार्यशैली में आए बदलाव, अपराध और अपराधियों के प्रति सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति तथा पुलिस के अभियानों का भी जिक्र किया।
लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश पुलिस के गीत ‘खाकी का सितारा’ को लॉन्च किया गया। गीत के जरिए पुलिस के शौर्य और सेवा को सामने रखा गया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां शौर्य होता है, वहीं संवेदना भी होती है। उन्होंने कहा कि कायरता के वातावरण में लूट, असुरक्षा और अराजकता जन्म लेती है। मुख्यमंत्री ने आतंकवाद, दंगे और नक्सलवाद का उल्लेख करते हुए इन्हें कायरता की निशानी बताया। उन्होंने कहा कि जो सामने से नहीं लड़ सकता, वही पीछे से वार करता है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसी भी प्रदेश में सुशासन स्थापित करने के लिए लोगों को सुरक्षित माहौल देना आवश्यक है। उनके अनुसार, सुरक्षा की भावना प्रदेश के विकास और उसकी पहचान से भी जुड़ी हुई है। उन्होंने पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति में हुए बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश दंगामुक्त और कर्फ्यूमुक्त हुआ है। सीएम योगी ने कहा कि अपराध और अपराधियों के प्रति सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति है। उन्होंने कहा कि इस नीति को लागू करने के लिए सरकार जो आवश्यक होगा, वह करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस ने कानून-व्यवस्था से जुड़े लक्ष्यों को हासिल करने के दौरान कई मॉडल स्थापित किए हैं। उन्होंने पुलिस की क्षमता और कार्यशैली में बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा कि अब पुलिस की भूमिका और उसकी कार्रवाई पहले की तुलना में अलग है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, पहले ऐसी स्थिति थी जब अपराधी पुलिस पर भारी पड़ते थे और पुलिस पीछे हटती थी। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को यह भ्रम था कि वे अपनी संख्या के बल पर यूपी पुलिस को रौंद देंगे, लेकिन अब वह स्थिति बदल चुकी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन के दौरान फर्रुखाबाद की उस घटना का भी उल्लेख किया, जिसमें 22 बच्चे डिटोनेटर के घेरे में फंसे हुए थे। उन्होंने कहा कि यूपी पुलिस ने अपनी क्षमता और साहस का परिचय देते हुए बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस अभियान के दौरान अपराधी मुठभेड़ में मारे गए। सीएम योगी ने कहा कि वह अभियान की निगरानी के दौरान लगातार देख रहे थे कि अभियान किस तरह आगे बढ़ रहा है। उन्होंने इस घटना का उल्लेख पुलिस के शौर्य और जनता की सुरक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता के संदर्भ में किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यशैली और क्षमता में बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि अब अपराधियों को यह समझना होगा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। सीएम योगी ने कहा कि एक समय ऐसा था जब अपराधी पुलिस पर भारी पड़ते थे और पुलिस पीछे हटती थी। उन्होंने कहा कि अब अपराधियों का वह दंभ चकनाचूर हो चुका है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि “अब यह पुरानी पुलिस नहीं” है। उन्होंने कहा कि कानून का उल्लंघन करने या पुलिस के खिलाफ दुस्साहस करने वालों को इसकी कीमत चुकानी होगी।
मुख्यमंत्री ने लखनऊ की एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि इसी शहर में एक व्यक्ति ने एक पुलिस अधिकारी को अपनी कार के बोनट पर घसीटकर जबरन ले जाने का प्रयास किया था। उन्होंने कहा कि वह समय अब बीत चुका है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, अब ऐसा दुस्साहस करने वाले को सजा भुगतनी होगी। सीएम योगी ने कहा कि ऐसा करने वाला व्यक्ति चाहे किसी नेता का पुत्र हो या किसी अधिकारी का, कानून के सामने उसकी पहचान या प्रभाव का कोई महत्व नहीं होगा। उन्होंने कहा कि कानून के सामने सभी समान हैं और दुस्साहस करने वाले को उसकी कीमत चुकानी होगी।
मुख्यमंत्री ने एक बार फिर अपराध और अपराधियों के प्रति सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार कानून-व्यवस्था से जुड़े लक्ष्यों को हासिल करने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी। उनके संबोधन में पुलिस की कार्रवाई के साथ-साथ पुलिस की संवेदनशीलता का भी उल्लेख रहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि शौर्य के साथ संवेदना का होना भी जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश की तस्वीर बदली है। उन्होंने प्रदेश के दंगामुक्त और कर्फ्यूमुक्त होने का दावा करते हुए सुरक्षा व्यवस्था को इस बदलाव का महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की नई पहचान के पीछे सुरक्षित माहौल की भूमिका महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री के संबोधन में पुलिस के शौर्य, जनता की सुरक्षा और कानून के प्रति समान व्यवहार को प्रमुखता दी गई। ‘खाकी का सितारा’ गीत के शुभारंभ को भी पुलिस की सेवा और शौर्य से जोड़कर प्रस्तुत किया गया।