नोएडा के सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशन पर 16 वर्षीय किशोर की मेट्रो ट्रेन के आगे कूदने से हुई मौत के मामले में पुलिस जांच के दौरान एक और घटना सामने आई है। पुलिस के अनुसार, किशोर की मौत से पहले उसके पिता राजू शर्मा की तिकोना पार्क स्थित एक कमरे में धारदार हथियार से हत्या किए जाने के साक्ष्य मिले हैं।
पुलिस ने बंद कमरे से राजू शर्मा का शव बरामद किया है। कमरे से एक कुल्हाड़ी और खून से सने कपड़े भी मिले हैं। शुरुआती जांच में पुलिस ने इन साक्ष्यों को मामले से जोड़कर देखा है। घटना के बाद फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जरूरी साक्ष्य जुटाए और बरामद सामान को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा है। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने के साथ यह पता लगाने में जुटी है कि पिता की मौत और किशोर की मेट्रो स्टेशन पर हुई मौत के बीच घटनाक्रम किस तरह जुड़ा था।
पुलिस के अनुसार, 12 अगस्त की शाम 16 वर्षीय अमृत शर्मा ने सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशन पर मेट्रो ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी थी। घटना के बाद सेक्टर-49 थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया था। उस समय पुलिस को किशोर के पास से दो मोबाइल फोन और कुछ चाबियां मिली थीं। शुरुआती तौर पर इन सामानों का संबंध घटना से स्पष्ट नहीं था। बाद में जब किशोर के पिता राजू शर्मा के बारे में जानकारी जुटाई गई तो उनके लापता होने की बात सामने आई। इसके बाद मामले की जांच का दायरा बढ़ाया गया।
घटना की कड़ियां शुक्रवार को उस समय जुड़ीं जब अरुण शर्मा नामक व्यक्ति थाना फेस-3 पहुंचे। उन्होंने पुलिस को बताया कि 16 वर्षीय अमृत शर्मा उनके भतीजे थे और उन्होंने 12 अगस्त की शाम सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशन पर ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी थी। अरुण शर्मा ने पुलिस को यह भी बताया कि घटना के बाद से अमृत के पिता राजू शर्मा का पता नहीं चल रहा था। वे लापता थे। थाना फेस-3 के प्रभारी निरीक्षक सुभाष चंद्र के अनुसार, पुलिस को बताया गया कि राजू शर्मा और अमृत शर्मा फेस-3 थाना क्षेत्र के गढ़ी चौखंडी गांव में जगन्नाथ मंदिर के पास वाले इलाके में रहते थे। इसके बाद पुलिस ने राजू शर्मा की तलाश शुरू की।
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राजू शर्मा की तलाश के दौरान पुलिस को तिकोना पार्क की गली नंबर-2 स्थित एक मकान के कमरे से तेज दुर्गंध आने की सूचना मिली। पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो कमरा बाहर से बंद मिला। जांच में सामने आया कि राजू शर्मा और उनका बेटा अमृत शर्मा इसी कमरे में रहते थे। कमरा बाहर से बंद होने के कारण पुलिस ने आसपास की परिस्थितियों और उपलब्ध सामान की जांच की। इसी दौरान सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशन से मिले सामान की अहम भूमिका सामने आई।
सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशन पर किशोर के पास से मिले दो मोबाइल फोन में से एक उसका अपना था, जबकि दूसरा उसके पिता राजू शर्मा का बताया गया। फेस-3 थाना पुलिस ने सेक्टर-49 थाना पुलिस से संपर्क किया और किशोर के पास से बरामद सामान के बारे में जानकारी ली। पुलिस के अनुसार, किशोर के पास से मिली चाबियों में से एक चाबी तिकोना पार्क स्थित बंद कमरे के ताले से मेल खा गई। इसके बाद पुलिस ने चाबी की मदद से कमरे का ताला खोला। कमरा खुलने पर पुलिस को अंदर राजू शर्मा का शव मिला। पुलिस के अनुसार, शव पर धारदार हथियार से वार किए जाने के निशान थे। इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच शुरू की।
पुलिस की शुरुआती जांच में कमरे से एक कुल्हाड़ी बरामद की गई। इसके अलावा खून से सने कपड़े भी मिले। पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में यह आशंका सामने आई कि बरामद कुल्हाड़ी का इस्तेमाल राजू शर्मा पर हमला करने में किया गया हो सकता है। हालांकि, इन साक्ष्यों की विस्तृत फोरेंसिक जांच की जा रही है। फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर खून से सने कपड़ों, कुल्हाड़ी और अन्य आवश्यक साक्ष्यों को सुरक्षित किया। बरामद सामग्री को आगे की वैज्ञानिक जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, राजू शर्मा की मौत और अमृत शर्मा की मेट्रो स्टेशन पर हुई मौत के बीच संबंध सामने आया है। पुलिस का आरोप है कि अमृत ने अपने पिता पर कुल्हाड़ी से हमला किया था और इसके बाद कमरे में कपड़े बदलकर वहां से चला गया। पुलिस के अनुसार, कमरे में पिता की तस्वीर के साथ माला चढ़ाए जाने की बात भी सामने आई है। इसके बाद किशोर के सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशन पहुंचने और ट्रेन के आगे कूदने की जानकारी पुलिस जांच का हिस्सा है। हालांकि, पूरे घटनाक्रम की परिस्थितियों, समय-क्रम और कारणों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस ने मामले की जांच के दौरान परिवार के सदस्यों और आसपास रहने वाले लोगों से भी पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में यह जानकारी सामने आई कि राजू शर्मा अपने बेटे अमृत को बाहर जाने से रोकते-टोकते थे। पड़ोसियों और परिजनों ने पुलिस को बताया कि राजू शर्मा जब किसी काम से बाहर जाते थे तो कथित तौर पर अमृत को कमरे में बंद कर बाहर से ताला लगा देते थे। जांच में यह भी पता चला कि 16 वर्षीय अमृत का किसी स्कूल में दाखिला नहीं कराया गया था। पुलिस के अनुसार, अमृत की मां भी लंबे समय से राजू शर्मा से अलग रह रही थीं।
पुलिस के मुताबिक, परिवार और पड़ोसियों से पूछताछ में किशोर के तनाव में रहने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने बताया कि पिता की पाबंदियों और पारिवारिक परिस्थितियों के कारण अमृत परेशान रहता था। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि किशोर की मानसिक स्थिति, पारिवारिक परिस्थितियां और घटना से पहले की गतिविधियां पूरे घटनाक्रम से किस तरह जुड़ी थीं। इस पहलू की पुष्टि के लिए पुलिस परिवार के सदस्यों और आसपास के लोगों से लगातार जानकारी जुटा रही है।
घटनास्थल से बरामद कुल्हाड़ी, खून से सने कपड़े और अन्य सामग्री को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। जांच एजेंसियां बरामद साक्ष्यों की वैज्ञानिक जांच के जरिए यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कमरे में वास्तव में क्या हुआ था और बरामद सामग्री का घटना से क्या संबंध है। पुलिस घटनास्थल और सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशन से जुड़े उपलब्ध साक्ष्यों को भी मामले की जांच में शामिल कर रही है।
थाना फेस-3 पुलिस के अनुसार, मामले की जांच अभी जारी है। पुलिस पिता की मौत, किशोर की मेट्रो स्टेशन पर हुई मौत, बरामद मोबाइल फोन, चाबियों, कमरे की स्थिति और फोरेंसिक साक्ष्यों को एक साथ रखकर घटनाक्रम की जांच कर रही है। मामले में सामने आए आरोपों और परिस्थितियों की पुष्टि पुलिस जांच तथा फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।
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