ग्रेटर नोएडा, 28 सितंबर। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे संस्करण में इस बार कारोबार के साथ आम लोगों की भागीदारी भी बड़े स्तर पर दर्ज की गई है। ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में चल रहे पांच दिवसीय आयोजन में 28 सितंबर तक बड़ी संख्या में लोग पहुंचे हैं। ट्रेड शो के विभिन्न हिस्सों में कारोबारियों, खरीदारों और आम आगंतुकों की लगातार आवाजाही देखी गई। आयोजन से जुड़े आंकड़ों के मुताबिक, 28 सितंबर तक कुल 5,48,881 फुटफॉल दर्ज की गई। इनमें घरेलू कारोबारी खरीदारों के साथ सामान्य आगंतुक भी शामिल हैं। ट्रेड शो का समापन मंगलवार को होना है, इसलिए अंतिम फुटफॉल इससे अधिक रहने की संभावना है।
यूपीआईटीएस में 28 सितंबर तक कुल 5,48,881 लोगों की उपस्थिति दर्ज की गई। इनमें 1,56,523 घरेलू कारोबारी खरीदार और 3,92,358 सामान्य आगंतुक शामिल हैं। आंकड़ों के अनुसार, सामान्य आगंतुकों की संख्या घरेलू कारोबारी खरीदारों की तुलना में अधिक रही। इससे ट्रेड शो में कारोबारी गतिविधियों के साथ आम लोगों की भागीदारी का स्तर भी सामने आता है। पांच दिवसीय आयोजन में विभिन्न क्षेत्रों और जिलों से जुड़े उत्पादों को प्रदर्शित किया गया है। अलग-अलग प्रदर्शनी हॉल में लगे स्टॉल पर कारोबारी खरीदार उत्पादों के बारे में जानकारी लेते दिखाई दिए, जबकि सामान्य आगंतुकों ने उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े उत्पादों और शिल्प को करीब से देखा।
यूपीआईटीएस का एक प्रमुख हिस्सा प्रदेश के उद्यमियों को खरीदारों से सीधे जोड़ना है। ट्रेड शो में घरेलू कारोबारी खरीदारों के पहुंचने से विभिन्न उत्पादों के निर्माताओं और संभावित खरीदारों के बीच बातचीत का अवसर मिला। 1,56,523 घरेलू कारोबारी खरीदारों की मौजूदगी में उत्पादों की गुणवत्ता, कीमत, उत्पादन क्षमता और कारोबारी संभावनाओं से संबंधित जानकारी साझा की गई। अलग-अलग क्षेत्रों के उद्यमियों को देश के विभिन्न हिस्सों से आए कारोबारियों के साथ संवाद करने का अवसर मिला। ट्रेड शो में घरेलू खरीदारों के अलावा विदेशी खरीदारों की भी भागीदारी रही। इससे प्रदेश में तैयार होने वाले उत्पादों को देश के बाहर के बाजारों से जोड़ने के लिए कारोबारी संपर्क का मंच उपलब्ध हुआ।
ट्रेड शो में 28 सितंबर तक 3,92,358 सामान्य आगंतुक पहुंचे। आम लोगों के लिए आयोजन में केवल व्यापारिक उत्पाद ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की कला, संस्कृति, खानपान और पारंपरिक उत्पादों की झलक भी उपलब्ध कराई गई है। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से जुड़े उत्पादों को एक ही परिसर में प्रदर्शित किए जाने से आगंतुकों को विभिन्न क्षेत्रों की विशेषताओं को देखने और उनके बारे में जानकारी हासिल करने का अवसर मिला। कई स्टॉल पर हस्तशिल्प, हथकरघा, कृषि आधारित उत्पाद, खाद्य प्रसंस्करण और अन्य स्थानीय उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं। आगंतुक इन उत्पादों की विशेषताओं और उनके उपयोग से जुड़ी जानकारी भी प्राप्त कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो को प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने के मंच के तौर पर आयोजित किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘लोकल से ग्लोबल’ विजन के अनुरूप स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाले उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। ट्रेड शो में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के उत्पादों को एक ही स्थान पर प्रदर्शित किया गया है। इनमें एक जिला-एक उत्पाद योजना से जुड़े उत्पादों के अलावा हस्तशिल्प, हथकरघा, कृषि उत्पाद, खाद्य प्रसंस्करण, चमड़ा, कालीन, पीतल, कांच और लकड़ी से जुड़े उत्पाद शामिल हैं। इन उत्पादों के माध्यम से स्थानीय उद्यमियों और निर्माताओं को नए खरीदारों से सीधे संपर्क करने का अवसर मिल रहा है।
उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में तैयार होने वाले उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने में एक जिला-एक उत्पाद योजना की भूमिका महत्वपूर्ण है। यूपीआईटीएस में ऐसे उत्पादों को भी प्रदर्शित किया गया है। एक ही स्थान पर विभिन्न जिलों के उत्पाद उपलब्ध होने से कारोबारी खरीदारों को अलग-अलग उत्पाद श्रेणियों और उनके निर्माताओं के बारे में जानकारी लेने का अवसर मिला। इससे स्थानीय उत्पादों की पहचान और उनके संभावित बाजारों से जुड़े कारोबारी संवाद के लिए मंच मिला है। हस्तशिल्प और हथकरघा के साथ कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र से जुड़े उत्पाद भी प्रदर्शनी का हिस्सा हैं। पारंपरिक उत्पादों के साथ आधुनिक विनिर्माण से जुड़े उत्पादों को भी यहां प्रदर्शित किया गया है।
ट्रेड शो के विभिन्न प्रदर्शनी हॉल में खरीदारों और सामान्य आगंतुकों की आवाजाही बनी हुई है। कारोबारी खरीदार उत्पादों को देखने के साथ उनके निर्माताओं और आपूर्तिकर्ताओं से बातचीत कर रहे हैं। उद्यमियों के लिए इस तरह की प्रत्यक्ष बातचीत उत्पादों की जानकारी साझा करने और संभावित कारोबारी संपर्क बनाने का अवसर उपलब्ध कराती है। छोटे और मध्यम उद्यमों से जुड़े उत्पाद भी प्रदर्शनी में शामिल हैं। विदेशी खरीदारों की मौजूदगी से अंतरराष्ट्रीय बाजार से संबंधित कारोबारी संपर्क का अवसर भी उपलब्ध हुआ है। वहीं घरेलू खरीदारों की संख्या स्थानीय और राष्ट्रीय बाजारों से जुड़े संवाद को दर्शाती है।
यूपीआईटीएस में कारोबार के अलावा प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता और स्थानीय उत्पादों को भी प्रदर्शित किया गया है। अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े उत्पादों, हस्तशिल्प और पारंपरिक वस्तुओं के माध्यम से उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों की पहचान को एक मंच पर प्रस्तुत किया गया। सामान्य आगंतुकों के लिए यह आयोजन विभिन्न जिलों के उत्पादों को एक साथ देखने और उनके बारे में जानकारी हासिल करने का अवसर बना। इसी के साथ कारोबारी खरीदारों को उत्पादों के निर्माताओं से सीधे संपर्क का अवसर मिला।
पांच दिवसीय उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो का समापन मंगलवार को होना है। 28 सितंबर तक दर्ज 5,48,881 फुटफॉल में 1,56,523 घरेलू कारोबारी खरीदार और 3,92,358 सामान्य आगंतुक शामिल हैं। आयोजन के अंतिम दिन की भागीदारी के बाद ट्रेड शो की कुल फुटफॉल का अंतिम आंकड़ा सामने आएगा।
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