अलीगढ़ में कार्यक्रम के बीच अचानक बदलाव हुआ और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सीधे राजधानी लौट आए। उनका पहला पड़ाव कोई सरकारी बैठक नहीं, बल्कि अलीगंज का वह इलाका था जहां भीषण अग्निकांड ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। मुख्यमंत्री ने सिर्फ अधिकारियों से रिपोर्ट नहीं ली, बल्कि घटनास्थल पर पहुंचकर जली हुई इमारत को करीब से देखा। यहां तक कि आसपास के भवन की छत पर जाकर भी उन्होंने स्थिति का जायजा लिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सीधे अलीगंज स्थित अग्निकांड स्थल पहुंचे। वहां उन्होंने आग से प्रभावित भवन का निरीक्षण किया और प्रशासनिक अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसी दौरान मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के लिए 5-5 लाख रुपये और घायलों के लिए 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता का ऐलान भी किया।
घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री सीधे किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय पहुंचे। यहां भर्ती घायल बच्चों और उनके परिजनों से उन्होंने बातचीत की और घटना के संबंध में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अस्पताल प्रशासन को घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए। इस दौरान केजीएमयू की कुलपति प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद ने उपचार की स्थिति की जानकारी मुख्यमंत्री को दी।
केजीएमयू में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मुलाकात मृतकों के परिजनों से भी हुई। उन्होंने घटना पर शोक व्यक्त किया और परिवारों को आश्वस्त करते हुए कहा कि सरकार उनके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हादसे के दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
अलीगंज पहुंचने के दौरान मुख्यमंत्री ने सिर्फ सड़क से निरीक्षण नहीं किया। उन्होंने पास के भवन की छत पर जाकर भी आग से प्रभावित इलाके का जायजा लिया और अधिकारियों से राहत और बचाव कार्यों के संबंध में जानकारी ली। यह निरीक्षण इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि मुख्यमंत्री ने मौके पर ही विभिन्न विभागों के अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली।
मुख्यमंत्री के साथ उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, भाजपा प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल, विधायक नीरज बोरा, अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद, पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा, अपर मुख्य सचिव (चिकित्सा) अमित कुमार घोष, डीजी फायर सर्विस सुजीत पांडेय, लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत और जिलाधिकारी विशाख जी भी मौजूद रहे।
घटना के बाद मुख्यमंत्री ने अग्निकांड स्थल का निरीक्षण किया, आसपास की इमारत से स्थिति का जायजा लिया, घायलों से अस्पताल में मुलाकात की, समुचित इलाज के निर्देश दिए, मृतकों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की, और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।