मध्य प्रदेश में भारी बारिश से बिगड़े हालात, 527 लोगों का रेस्क्यू - सीएम ने की समीक्षा

11 Aug 2026

मध्य प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के बीच कई इलाकों में बाढ़ और जलभराव की स्थिति बनी हुई है। तेज बारिश के कारण नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ने से संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा है। प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए राहत और बचाव अभियान जारी है। अब तक राज्य के अलग-अलग प्रभावित क्षेत्रों से 527 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंगलवार को होम गार्ड मुख्यालय स्थित राज्य आपदा प्रबंधन स्थिति कक्ष पहुंचकर प्रदेश में बारिश और बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की जानकारी ली और राहत एवं बचाव कार्यों की प्रगति के बारे में अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की।

राज्य आपदा प्रबंधन स्थिति कक्ष में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में बाढ़ और जलभराव से प्रभावित 527 लोगों को अब तक सुरक्षित निकाला गया है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव दल लगातार सक्रिय हैं। संवेदनशील इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन की टीमें स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार राहत और बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं। मुख्यमंत्री ने समीक्षा के दौरान राहत अभियान से जुड़े अधिकारियों और मैदानी कर्मचारियों से भी स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

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स्थिति की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से बचाए गए लोगों से भी बातचीत की। उन्होंने राहत एवं बचाव अभियान में जुटे मैदानी कर्मचारियों से कार्यों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बारिश के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए। बारिश के मौसम में नदियों और नालों का जलस्तर अचानक बढ़ने से जोखिम पैदा हो सकता है। ऐसे में प्रशासन को प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखने के लिए कहा गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि खंडवा में सात तीर्थयात्रियों को भी सुरक्षित बचाया गया है। इन तीर्थयात्रियों को राहत एवं बचाव दल की मदद से सुरक्षित निकाला गया। राज्य स्तर पर बाढ़ और जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है। जरूरत के अनुसार अतिरिक्त संसाधनों का इस्तेमाल करने और पड़ोसी जिलों से सहायता लेने की व्यवस्था पर भी जोर दिया गया है।

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बारिश के कारण नदियों और नालों में जलस्तर बढ़ने की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री ने इनके आसपास रहने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। प्रशासन को ऐसे क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों से जलस्तर बढ़ने की स्थिति में जोखिम नहीं लेने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया है। बाढ़ और जलभराव की स्थिति में प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का अभियान जारी है। संवेदनशील क्षेत्रों में राहत दलों की सक्रियता बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव के अनुसार, मौजूदा मानसून सीजन में मध्य प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 15 प्रतिशत कम बारिश हुई है। हालांकि, कुछ क्षेत्रों में कम समय के भीतर हुई तेज बारिश के कारण नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। अलग-अलग इलाकों में बारिश की मात्रा और उसकी अवधि में अंतर के कारण कुछ स्थानों पर जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बनी। इन परिस्थितियों में स्थानीय प्रशासन और राहत दलों को बचाव अभियान चलाना पड़ा। इस तरह प्रदेश में कुल बारिश सामान्य से कम रहने के बावजूद कुछ क्षेत्रों में अचानक तेज बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर स्थिति गंभीर हुई है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंगलवार को राज्यपाल मंगूभाई पटेल से भी मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में बारिश और बाढ़ की मौजूदा स्थिति की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने राज्य में हुई बारिश, हालिया घटनाओं और प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे राहत कार्यों से राज्यपाल को अवगत कराया। बैठक में प्रदेश की स्थिति और प्रशासन की ओर से किए जा रहे प्रयासों पर चर्चा हुई।

प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहने के बीच प्रशासन संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए है। राज्य स्तर पर बाढ़ और जलभराव की स्थिति की निगरानी की जा रही है। राहत एवं बचाव अभियान में लगे दल प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय हैं। अधिकारियों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार की ओर से जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त संसाधनों और पड़ोसी जिलों से सहायता लेने की व्यवस्था भी रखी गई है। अब तक 527 लोगों को सुरक्षित निकाले जाने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव अभियान जारी है।