80 हजार करोड़ के बजट पर रेखा गुप्ता का दावा, पूर्व AAP सरकार ने 61 हजार करोड़ ही खर्च किए

11 Aug 2026

नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पूर्व आम आदमी पार्टी सरकार पर कई आरोप लगाए। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि दिल्ली में करीब 10 साल तक शासन करने वाली पूर्व AAP सरकार ने अपने कार्यकाल में एक भी कैग रिपोर्ट सदन में पेश नहीं की।

रेखा गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार ने करीब सवा साल के कार्यकाल में 19 कैग रिपोर्ट विधानसभा में पेश की हैं। उन्होंने कहा कि ये रिपोर्ट देश की सर्वोच्च संवैधानिक लेखा-परीक्षा संस्था कैग की ओर से तैयार की गई हैं। मुख्यमंत्री ने पूर्व सरकार के कार्यकाल के दौरान सरकारी धन के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि कई मामलों में उपलब्ध फंड खर्च नहीं किया गया और खर्च किए जाने पर भी अनियमितताएं हुईं।

विधानसभा में चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट का जिक्र किया। उनके अनुसार, उस वित्तीय वर्ष में पूर्व सरकार के पास 80,000 करोड़ रुपये का बजट था, लेकिन इसमें से 61,000 करोड़ रुपये ही खर्च किए गए। मुख्यमंत्री ने इसी आधार पर पूर्व सरकार की वित्तीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार के पास उपलब्ध धन का पूरा इस्तेमाल नहीं किया गया। यह आंकड़ा विधानसभा में कैग रिपोर्ट पर चल रही चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री की ओर से रखा गया।

यह खबर भी पढ़े - पीएम मोदी की वीडियो विवाद के बाद मेटा पर सख्ती, भारत सरकार ने एल्गोरिदम पर भी मांगा जवाब

रेखा गुप्ता ने पूर्व AAP सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह सरकार पैसा खर्च नहीं करती थी और जब खर्च करती थी तो उसमें घोटाला होता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से अलग-अलग योजनाओं और परियोजनाओं के लिए धन उपलब्ध कराया जाता रहा, लेकिन कई मामलों में उसका इस्तेमाल नहीं हुआ। उनके अनुसार, फंड खर्च नहीं होने के कारण वापस चले जाते थे। हालांकि, ये आरोप मुख्यमंत्री की ओर से विधानसभा में दिए गए बयान का हिस्सा हैं। उपलब्ध जानकारी में इन आरोपों पर पूर्व AAP सरकार या उसके प्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया शामिल नहीं है।

मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की आयुष्मान योजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि योजना को लागू करने के लिए केंद्र सरकार ने 150 करोड़ रुपये दिए थे, लेकिन इसे लागू नहीं किया गया। रेखा गुप्ता ने इस मामले को भी पूर्व सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए फंड का इस्तेमाल नहीं किए जाने के उदाहरण के तौर पर सदन में रखा।

विधानसभा में अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने दिल्ली मेट्रो से जुड़े फंड का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मेट्रो के लिए 950 करोड़ रुपये दिए जाने थे, लेकिन यह राशि भी नहीं दी गई। मुख्यमंत्री के अनुसार, केंद्र से विभिन्न मदों में फंड आते रहे, लेकिन खर्च नहीं होने के कारण कई बार वे वापस चले जाते थे।

यह खबर भी पढ़े - JNU में उमर खालिद की किताब पर चर्चा का कार्यक्रम रद्द, छात्रों ने किया विरोध

रेखा गुप्ता ने अपने संबोधन में अपनी सरकार और पूर्व AAP सरकार के कार्यकाल की तुलना भी की। उन्होंने कहा कि AAP ने दिल्ली में 10 साल तक शासन किया, लेकिन इस अवधि में एक भी कैग रिपोर्ट सदन में पेश नहीं की गई। इसके विपरीत, मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार ने सवा साल में 19 कैग रिपोर्ट विधानसभा में प्रस्तुत की हैं। उन्होंने कहा कि इन रिपोर्ट में पूर्व सरकार के कार्यकाल से जुड़े विभिन्न मामलों की जानकारी दी गई है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि कैग की रिपोर्ट में पूर्व केजरीवाल सरकार के कार्यकाल के दौरान हुए कथित घोटालों और जनता के टैक्स के पैसे के नुकसान से जुड़े बिंदुओं का उल्लेख है। उन्होंने दावा किया कि रिपोर्ट में एक-एक बिंदु पर यह बताया गया है कि पूर्व सरकार के दौरान किस तरह सरकारी धन का इस्तेमाल किया गया और इससे जनता के टैक्स के पैसे को नुकसान पहुंचा। यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि उपलब्ध सामग्री में मुख्यमंत्री की ओर से लगाए गए इन आरोपों का विवरण दिया गया है। संबंधित कैग रिपोर्ट के विशिष्ट निष्कर्षों का पूरा पाठ उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं है।

दिल्ली विधानसभा में कैग रिपोर्ट को लेकर चर्चा जारी है। इससे पहले शुक्रवार और सोमवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पूर्व सरकार के कार्यकाल से संबंधित दो रिपोर्ट सदन में रखी थीं। इसके बाद सदन में इन रिपोर्टों और उनसे जुड़े विषयों पर चर्चा की जा रही है।

कैग रिपोर्ट पर चर्चा के दौरान सरकारी योजनाओं और परियोजनाओं के लिए उपलब्ध कराए गए फंड के इस्तेमाल का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पूर्व AAP सरकार के दौरान कई मदों में उपलब्ध धन का इस्तेमाल नहीं किया गया। उन्होंने केंद्र से मिलने वाले फंड के वापस जाने का भी मुद्दा उठाया। उनके बयान में आयुष्मान योजना के लिए 150 करोड़ रुपये और मेट्रो के लिए 950 करोड़ रुपये से जुड़े फंड का विशेष रूप से उल्लेख किया गया। इसके अलावा, वित्तीय वर्ष 2024-25 के 80,000 करोड़ रुपये के बजट में से 61,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का आंकड़ा भी मुख्यमंत्री ने विधानसभा में रखा।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार विधानसभा में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने तीन प्रमुख मुद्दे उठाए। पहला, उनके अनुसार पूर्व AAP सरकार के 10 साल के कार्यकाल में एक भी कैग रिपोर्ट सदन में पेश नहीं की गई। दूसरा, उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने सवा साल में 19 कैग रिपोर्ट सदन में पेश की हैं। तीसरा, उन्होंने पूर्व सरकार पर सरकारी फंड का पूरा इस्तेमाल नहीं करने और खर्च में घोटाले होने के आरोप लगाए। मुख्यमंत्री ने इन दावों के समर्थन में 2024-25 के बजट, आयुष्मान योजना और मेट्रो से जुड़े फंड का उल्लेख किया। वहीं, उपलब्ध सामग्री में पूर्व AAP सरकार की ओर से मुख्यमंत्री के आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया दर्ज नहीं है।