आगरा, 15 सितंबर। उत्तर प्रदेश के युवाओं को रोजगार तलाशने के बजाय रोजगार सृजित करने की दिशा में प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मंगलवार को डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के खंदारी परिसर स्थित जेपी सभागार में ‘यूपी राइज 2026’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में आगरा और आसपास के क्षेत्रों से आए 1000 से अधिक छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने अपने स्टार्टअप और नवाचार से जुड़े विचार प्रस्तुत किए। कुल 30 स्टार्टअप आइडिया में से 11 को शॉर्टलिस्ट किया गया। इनमें कलाकारों के लिए एआई आधारित मार्केटप्लेस, निर्माण क्षेत्र के लिए तकनीकी समाधान, पर्यटन को बढ़ावा देने वाले मॉडल, ई-रिक्शा की बैटरी समस्या का समाधान, हस्तशिल्प और मंदिर के कचरे से उपयोगी उत्पाद तैयार करने जैसे विचार शामिल रहे। आयोजन में इस्तेमाल किए गए कुकिंग ऑयल के लिए डिजिटल मार्केटप्लेस ‘री-ऑयल’ ने प्रथम स्थान हासिल किया। विजेता टीम को 25,000 रुपये का पुरस्कार दिया गया। ‘स्टडी एप’ और ‘सोलर स्वीप’ संयुक्त रूप से रनरअप रहे।
‘यूपी राइज 2026’ कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. आशु रानी और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के उप निदेशक आत्रेय मिश्रा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में उद्यमशीलता और नवाचार को बढ़ावा देना रहा। आयोजन के दौरान विद्यार्थियों को अपने विचारों को व्यावसायिक मॉडल में बदलने और स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने के अवसरों के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम में युवाओं को यह जानकारी भी दी गई कि उत्तर प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से रोजगार, कौशल विकास और स्टार्टअप से जुड़ी सहायता प्राप्त की जा सकती है।
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यूपी राइज कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े कुल 30 स्टार्टअप आइडिया प्रस्तुत किए। इनमें से जूरी के समक्ष प्रस्तुति के लिए 11 बेहतर आइडिया शॉर्टलिस्ट किए गए। शॉर्टलिस्ट किए गए विचारों में कलाकारों के लिए एआई आधारित मार्केटप्लेस ‘Kalaverse’ शामिल रहा। इसके अलावा निर्माण कार्य की योजना को आसान बनाने के उद्देश्य से ‘Build Easy AI’ और ऐसे पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देने के लिए ‘Hidden India’ का विचार प्रस्तुत किया गया, जो आम तौर पर पर्यटकों की नजर से दूर रहते हैं।
बेकरी क्षेत्र से संबंधित ‘Organic floral cream color’ भी चयनित आइडियाज में शामिल रहा। वहीं ई-रिक्शा चालकों की बैटरी से जुड़ी समस्या के समाधान के लिए ‘Saathi EV’ का प्रस्ताव सामने आया। हस्तशिल्प क्षेत्र को बढ़ावा देने वाले ‘The Craft Duo’ और मंदिरों से निकलने वाले कचरे को उपयोगी उत्पादों में बदलने की अवधारणा पर आधारित ‘Temple 2 Green’ को भी शॉर्टलिस्ट किया गया। इनके अलावा विद्यार्थियों की पढ़ाई को व्यवस्थित करने वाला ‘Study App’ और सौर पैनल की सफाई के लिए रोबोटिक ब्रश तकनीक पर आधारित ‘Solar Sweep’ भी प्रमुख आइडियाज में रहे।
जूरी और उद्योग विशेषज्ञों के सामने विद्यार्थियों ने अपने-अपने स्टार्टअप आइडिया की प्रस्तुति दी। इसमें इस्तेमाल किए गए कुकिंग ऑयल के लिए डिजिटल मार्केटप्लेस ‘Re-Oil’ ने प्रथम स्थान हासिल किया। ‘Re-Oil’ को विजेता के तौर पर 25,000 रुपये का मुख्य पुरस्कार प्रदान किया गया। इसके मॉडल का उद्देश्य इस्तेमाल किए गए कुकिंग ऑयल से संबंधित डिजिटल मार्केटप्लेस तैयार करना है। ‘Study App’ और ‘Solar Sweep’ की टीम संयुक्त रूप से रनरअप रही। ‘Study App’ का विचार छात्रों की पढ़ाई को व्यवस्थित करने से जुड़ा है, जबकि ‘Solar Sweep’ में सोलर पैनल की सफाई के लिए रोबोटिक ब्रश तकनीक का इस्तेमाल करने की अवधारणा प्रस्तुत की गई।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों के स्टार्टअप आइडियाज को बेहतर बनाने और उन्हें व्यावसायिक दृष्टि से समझने के लिए विशेषज्ञों का मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया गया। कॉर्पोरेट विशेषज्ञ हर्षित देसाई, कपिल त्रिमाल और विवेक गोयल कार्यक्रम में मेंटर के तौर पर मौजूद रहे। उन्होंने विद्यार्थियों के आइडियाज और प्रस्तुतियों के दौरान मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को अपने नवाचार को केवल विचार तक सीमित न रखकर उसे उपयोगी बिजनेस मॉडल के रूप में विकसित करने से संबंधित पहलुओं की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को उत्तर प्रदेश सरकार की विभिन्न रोजगारपरक और स्टार्टअप योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, यूपी स्टार्टअप फंड, मुख्यमंत्री अभ्युदय निशुल्क कोचिंग योजना और यूपी स्किल मिशन सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी साझा की। इसके साथ ही कन्या सुमंगला योजना, फ्री टैबलेट/स्मार्टफोन योजना और महिला सामर्थ्य योजना से संबंधित नीतियों के बारे में भी बताया गया। कार्यक्रम में इन योजनाओं के तहत उपलब्ध वित्तीय सहायता और सब्सिडी से जुड़ी जानकारी विद्यार्थियों के सामने रखी गई। आयोजन का एक प्रमुख उद्देश्य युवाओं को उपलब्ध सरकारी सहायता और योजनाओं की जानकारी देना भी रहा, ताकि वे रोजगार एवं उद्यमिता से संबंधित अवसरों को समझ सकें।
‘यूपी राइज 2026’ के आयोजन का मुख्य फोकस युवाओं की सोच को नौकरी तलाशने से आगे बढ़ाकर उद्यमिता और रोजगार सृजन की दिशा में ले जाना रहा। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने कौशल, नवाचार और व्यावसायिक विचारों को विकसित करने के लिए मंच उपलब्ध कराया गया। स्टार्टअप आइडिया की प्रस्तुति ने विद्यार्थियों को अपने विचारों को विशेषज्ञों और जूरी के सामने रखने का अवसर दिया। कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि उत्तर प्रदेश में नवाचार और स्टार्टअप से जुड़े पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. आशु रानी ने विद्यार्थियों के नवाचार और कार्यक्रम में उनकी भागीदारी की सराहना की। उन्होंने कहा, “हमारे छात्र-छात्राओं में नवाचार की असीम क्षमता और संभावनाएं हैं। ‘यूपी राइज 2026’ जैसे मंच युवाओं को अपनी रचनात्मकता और उद्यमशीलता को प्रदर्शित करने का एक बेहतरीन अवसर प्रदान कर रहे हैं।” कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने युवाओं को भविष्य के ‘जॉब क्रिएटर’ के रूप में तैयार करने पर भी जोर दिया।
आयोजकों के अनुसार ‘यूपी राइज’ कार्यक्रम उत्तर प्रदेश के 25 शहरों के 30 प्रमुख कॉलेजों में आयोजित किया जाएगा। आगरा के बाद इस कार्यक्रम का अगला पड़ाव 18 सितंबर 2026 को मथुरा स्थित जीएलए विश्वविद्यालय होगा। इस तरह कार्यक्रम को प्रदेश के अलग-अलग शहरों के युवाओं और विद्यार्थियों तक पहुंचाने की योजना है।