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मौत से पहले जताई थी यह इच्छा, आखिरकार काशी के मणिकर्णिका घाट पर हुआ जसपाल राणा का अंतिम संस्कार

मनु भाकर के कोच और अर्जुन पुरस्कार विजेता जसपाल राणा को वाराणसी में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई, परिजनों ने बताया कि यह उनकी अंतिम इच्छा थी।
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Bureau News Desk
14 Jun 2026
10:54 AM
1 min read
मौत से पहले जताई थी यह इच्छा, आखिरकार काशी के मणिकर्णिका घाट पर हुआ जसपाल राणा का अंतिम संस्कार
हाइलाइट्स
मनु भाकर के कोच और अर्जुन पुरस्कार विजेता जसपाल राणा को वाराणसी में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई, परिजनों ने बताया कि यह उनकी अंतिम इच्छा थी।

 

देश के जाने-माने शूटिंग कोच और अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित जसपाल राणा का शनिवार को वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान परिजन, एथलीट, स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। नम आंखों से लोगों ने उन्हें अंतिम विदाई दी।

 

जसपाल राणा के पार्थिव शरीर को देहरादून से विशेष विमान के जरिए वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लाया गया। एयर कार्गो परिसर में पार्थिव शरीर को श्रद्धांजलि के लिए रखा गया, जहां लोगों ने उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की और सलामी दी गई। श्रद्धांजलि कार्यक्रम में परिजनों, शुभचिंतकों और समर्थकों के अलावा विधायक पंकज सिंह, भाजपा के प्रदेश मंत्री शंकर गिरी तथा अन्य नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।

 

शनिवार शाम वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर राजकीय सम्मान के साथ जसपाल राणा का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान मौजूद लोगों ने उन्हें नम आंखों से विदाई दी। परिजनों ने वैदिक रीति-रिवाजों और काशी की परंपरा के अनुसार अंतिम संस्कार से जुड़े सभी कार्यक्रम संपन्न कराए। अंतिम संस्कार के दौरान कई खिलाड़ी और खेल जगत से जुड़े लोग भी मौजूद रहे, जो भावुक दिखाई दिए।

 

जसपाल राणा के परिजनों के अनुसार उन्होंने जीवनकाल में इच्छा जताई थी कि निधन के बाद उनका अंतिम संस्कार वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर किया जाए। इसी इच्छा का सम्मान करते हुए उनके पार्थिव शरीर को देहरादून से वाराणसी लाया गया और काशी में उनका अंतिम संस्कार किया गया। जसपाल राणा का निधन नई दिल्ली के एक अस्पताल में हृदय गति रुकने के कारण हुआ था। बताया गया कि इससे पहले जर्मनी से भारत लौटते समय विमान यात्रा के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई थी।

 

जसपाल राणा देश के प्रतिष्ठित निशानेबाजों और प्रशिक्षकों में गिने जाते थे। वह ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर के कोच भी रहे। खेल जगत में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

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