>हाइटेक सिटी कहे जाने वाले नोएडा और ग्रेटर नोएडा की चमकदार इमारतों के पीछे की हकीकत कुछ और ही बयां करती है। शहर की प्रमुख सड़कों से लेकर नोएडा डीएम कार्यालय के बाहर तक, हर जगह टूटी-फूटी सड़कों और गहरे गड्ढों का आलम है। प्रशासन और प्राधिकरण की लापरवाही अब हादसों को न्योता दे रही है।
>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कई बार अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दे चुके हैं कि प्रदेश को "गड्ढा मुक्त" बनाया जाए, लेकिन हकीकत इसके उलट दिखाई देती है। नोएडा में सड़कों पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढों से वाहन चालक परेशान हैं। खासकर 130 मीटर रोड हाईवे और पैरामाउंट गोल फॉरेस्ट के पास की सड़कें इतनी जर्जर हो चुकी हैं कि आए दिन यहां हादसों की खबरें सामने आती रहती हैं।
>सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जिला प्रशासन के सबसे बड़े दफ्तर यानी डीएम ऑफिस के बाहर की सड़क तक टूटी-फूटी हालत में है। यहां कंक्रीट तक उखड़ चुका है और वाहन चालकों को मजबूरी में बेहद धीमी रफ्तार से चलना पड़ता है। आए दिन सड़क पर फिसलकर गिरने और वाहन पलटने जैसी घटनाएं हो रही हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की आंखें अब तक नहीं खुलीं।
>जनता सवाल कर रही है कि आखिर मुख्यमंत्री के आदेशों की खुलेआम अनदेखी करने वाले अफसरों पर कब कार्रवाई होगी? क्या शहर की सड़कों को ठीक करना सिर्फ कागजों पर ही सीमित रह जाएगा या फिर नोएडा सचमुच एक "हाइटेक और सुरक्षित शहर" बन पाएगा?
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