बधिरान्ध बच्चों की शिक्षा को अधिक प्रभावी और समावेशी बनाने की दिशा में उत्तर प्रदेश में एक महत्वपूर्ण पहल शुरू होने जा रही है। ऐसे बच्चों की सीखने की आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से समझने और विद्यालयों में उनके लिए अनुकूल शिक्षण वातावरण तैयार करने के उद्देश्य से 29 जून से राज्यभर के शिक्षकों, स्पेशल एजुकेटर्स और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े अन्य हितधारकों के लिए पांच दिवसीय राष्ट्रीय ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद तथा भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के तत्वावधान में आयोजित होने वाला यह प्रशिक्षण 29 जून से 3 जुलाई 2026 तक चलेगा। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को ऐसे व्यवहारिक कौशल उपलब्ध कराना है, जिनकी मदद से बधिरान्ध बच्चों की पहचान, उनकी सीखने की जरूरतों को समझने और समावेशी कक्षाओं में प्रभावी शिक्षण सुनिश्चित करने में सहायता मिल सके।
प्रदेश सरकार ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों, जिला समन्वयकों (समेकित शिक्षा) और खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रशिक्षण कार्यक्रम की जानकारी प्रत्येक विद्यालय तक पहुंचाई जाए। साथ ही अधिक से अधिक शिक्षकों, स्पेशल एजुकेटर्स, टीचर एजुकेटर्स, शिक्षक शिक्षा संस्थानों के विद्यार्थियों और अन्य संबंधित हितधारकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को बधिरान्धता की पहचान, उसके विभिन्न कारणों, प्रभावी संप्रेषण तकनीकों, स्पर्श आधारित सांकेतिक संप्रेषण, सहायक तकनीकों के उपयोग तथा सहायता एवं समर्थन तंत्र से जुड़े विषयों पर व्यवहारिक जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा समावेशी कक्षा प्रबंधन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, सामाजिक सहभागिता, आत्मनिर्भरता और आजीविका से जुड़े पहलुओं पर भी विशेषज्ञ मार्गदर्शन देंगे।
यह प्रशिक्षण प्रतिदिन दोपहर 12:45 बजे से 1:45 बजे तक ऑनलाइन आयोजित किया जाएगा। इसका सीधा प्रसारण PM eVidya DTH ISL चैनल-31, NCERT Official YouTube Channel और NCERT Events YouTube Channel पर किया जाएगा। प्रशिक्षण हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में उपलब्ध रहेगा तथा इसमें भाग लेने के लिए कोई पंजीकरण शुल्क नहीं रखा गया है।
एनसीईआरटी ने इच्छुक प्रतिभागियों के लिए निःशुल्क ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था की है। प्रशिक्षण के बाद आयोजित ऑनलाइन क्विज़ में 70 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को एनसीईआरटी की ओर से ई-प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा। जिला स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रशिक्षण और पंजीकरण संबंधी जानकारी व्हाट्सएप सहित अन्य माध्यमों से सभी विद्यालयों और संबंधित प्रतिभागियों तक पहुंचाएं।
यह प्रशिक्षण राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के अनुरूप विद्यालयों में समावेशी शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। इसका फोकस शिक्षकों की क्षमता वृद्धि के माध्यम से बधिरान्ध बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और आवश्यकता-आधारित शिक्षण व्यवस्था को मजबूत करना है।
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