उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार के आठवें दिन रविवार को नए मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने आठ मंत्रियों को अलग-अलग विभागों की जिम्मेदारी सौंपते हुए प्रशासनिक और राजनीतिक संतुलन साधने का प्रयास किया है। विभागों के आवंटन के बाद अब सोमवार को होने वाली पहली कैबिनेट बैठक में सभी नए मंत्री अपने-अपने विभागों के साथ शामिल होंगे।
सरकार की ओर से जारी सूची के अनुसार, भूपेंद्र चौधरी को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं मनोज पाण्डेय को खाद्य एवं रसद तथा नागरिक आपूर्ति विभाग सौंपा गया है। अजीत सिंह पाल को राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार बनाते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।
इसी क्रम में सोमेन्द्र तोमर को राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार के रूप में राजनैतिक पेंशन, सैनिक कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग सौंपा गया है। कृष्णा पासवान को पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग में जिम्मेदारी मिली है, जबकि कैलाश सिंह राजपूत को ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग दिया गया है। सुरेन्द्र दिलेर को राजस्व विभाग में राज्य मंत्री बनाया गया है। इसके अलावा हंस राज विश्वकर्मा को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग में राज्य मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
राजनीतिक हलकों में विभागों के इस बंटवारे को आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति से भी जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि सरकार ने सामाजिक समीकरणों और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखते हुए मंत्रियों को जिम्मेदारियां सौंपी हैं, ताकि संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सके। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह कदम वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले विभिन्न वर्गों और क्षेत्रों को साधने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मंत्रिमंडल विस्तार के बाद अब सरकार की पहली कैबिनेट बैठक सोमवार 18 मई को आयोजित होगी। यह बैठक सुबह 9 बजकर 45 मिनट से 10 बजकर 45 मिनट तक प्रस्तावित है। विभागों के आवंटन के बाद नए मंत्री पहली बार अपने-अपने विभागों की प्राथमिकताओं और योजनाओं के साथ बैठक में शामिल होंगे। बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक और विकास संबंधी प्रस्तावों पर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।
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