उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल के बीच चल रही बयानबाजी अब सड़क पर हुए विरोध प्रदर्शन तक पहुंच गई है। अखिलेश यादव की ओर से पुराने सहयोगियों और जयंत चौधरी के राजनीतिक रुख को लेकर किए गए 'चवन्नी' वाले तंज के बाद रालोद छात्रसभा के कार्यकर्ताओं ने लखनऊ के हजरतगंज चौराहे पर प्रदर्शन किया। सोमवार को दोपहर करीब 1:35 बजे हुए इस प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव के खिलाफ नारेबाजी की और उनका पुतला जलाया।
प्रदर्शन के कारण हजरतगंज चौराहे के आसपास कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ। रालोद नेताओं ने प्रदर्शन के दौरान सपा नेतृत्व के बयानों पर नाराजगी जताई और भविष्य में समाजवादी पार्टी के साथ किसी भी तरह के गठबंधन या चुनावी समझौते से इनकार करने की बात कही।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार दोपहर रालोद छात्रसभा के कार्यकर्ता हजरतगंज चौराहे पर पहुंचे। उस समय राजधानी में बारिश हो रही थी। प्रदर्शनकारियों के पास समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव का एक पुतला था। प्रदर्शन के दौरान पुतले पर तीन अलग-अलग स्थानों पर 'टोंटी चोर' लिखा गया था। कार्यकर्ताओं ने पुतले को चौराहे पर रखकर आग लगा दी और अखिलेश यादव के खिलाफ नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने "टोंटी भैया हाय-हाय" और "अखिलेश यादव शर्म करो" जैसे नारे लगाए। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक प्रदर्शन करीब 20 मिनट तक चला।
लखनऊ में प्रदर्शन के दौरान झमाझम बारिश हो रही थी। इसके बावजूद रालोद छात्रसभा के कार्यकर्ता हजरतगंज चौराहे पर मौजूद रहे और विरोध प्रदर्शन किया हजरतगंज राजधानी के प्रमुख व्यावसायिक और प्रशासनिक इलाकों में शामिल है। यहां विधानसभा और राजभवन की ओर जाने वाले प्रमुख मार्ग जुड़ते हैं। ऐसे में दोपहर के समय हुए प्रदर्शन का असर आसपास के यातायात पर भी पड़ा।
प्रदर्शन के कारण हजरतगंज चौराहे और इससे जुड़े मार्गों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार राजभवन, विधानसभा और विधानसभा मार्ग की ओर जाने वाले रास्तों पर करीब 20 से 25 मिनट तक यातायात धीमा रहा। इस दौरान कई वाहनों की कतारें देखी गईं और राहगीरों को भी आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शन समाप्त होने के बाद यातायात सामान्य होने की स्थिति बनी।
प्रदर्शन का नेतृत्व रालोद छात्रसभा के प्रदेश अध्यक्ष अमन पांडेय और आरएलडी के मीडिया प्रभारी मयंक त्रिवेदी ने किया। अमन पांडेय ने सपा नेतृत्व पर रालोद और उसके शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ लगातार बयानबाजी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "सपा सुप्रीमो पिछले दो साल से लगातार हमारी पार्टी और हमारे शीर्ष नेतृत्व को लेकर अनर्गल और अपमानजनक बयानबाजी कर रहे हैं। हमारे सब्र का घड़ा अब पूरी तरह भर चुका था, इसीलिए आज हमें सड़कों पर उतरना पड़ा। चौधरी चरण सिंह की विचारधारा को मानने वाले लोग गाजियाबाद से लेकर गाजीपुर तक फैले हैं। हमारे नेता का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आगामी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को किसानों और युवाओं के इस अपमान का भारी खामियाजा भुगतना पड़ेगा।" अमन पांडेय ने यह बयान प्रदर्शन के दौरान रालोद छात्रसभा की ओर से दिया।
प्रदर्शन के दौरान रालोद नेताओं ने समाजवादी पार्टी के साथ भविष्य के राजनीतिक संबंधों को लेकर भी अपनी स्थिति स्पष्ट की। नेताओं ने कहा कि अखिलेश यादव की ओर से दिए गए बयानों और लगातार होने वाली बयानबाजी के बाद राष्ट्रीय लोकदल भविष्य में समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन या चुनावी समझौता नहीं करेगा। रालोद की ओर से यह रुख ऐसे समय सामने आया है जब उत्तर प्रदेश की राजनीति में आगामी चुनावों को लेकर दलों के बीच राजनीतिक समीकरण चर्चा में हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में किसी औपचारिक गठबंधन वार्ता या निर्णय की अलग से जानकारी नहीं दी गई है।
समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल के बीच राजनीतिक रिश्ते पिछले समय में गठबंधन और अलग-अलग राजनीतिक रुख के दौर से गुजरे हैं। इस घटनाक्रम में अखिलेश यादव की ओर से 'चवन्नी' शब्द का इस्तेमाल रालोद की ओर से आपत्तिजनक माना गया और इसे लेकर कार्यकर्ताओं ने सार्वजनिक रूप से विरोध दर्ज कराया।लखनऊ में हुआ प्रदर्शन इसी बयानबाजी की प्रतिक्रिया के तौर पर सामने आया। प्रदर्शनकारियों ने पुतला दहन के जरिए अपना विरोध जताया और सपा नेतृत्व के खिलाफ नारे लगाए। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा अखिलेश यादव की ओर से दिया गया कथित 'चवन्नी' तंज और रालोद नेतृत्व को लेकर कही गई बातों पर असहमति था।
इस प्रदर्शन की एक प्रमुख गतिविधि पुतला दहन रही। प्रदर्शनकारी एक ऐसे पुतले के साथ पहुंचे थे, जिस पर तीन जगह 'टोंटी चोर' लिखा हुआ था। पुतला जलाने से पहले और उसके दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की। विरोध प्रदर्शन कुछ समय तक चौराहे के बीच में हुआ, जिसके चलते पुलिस और यातायात व्यवस्था को भी मौके पर सक्रिय होना पड़ा। उपलब्ध जानकारी में प्रदर्शन के दौरान किसी गिरफ्तारी या अन्य कार्रवाई का उल्लेख नहीं है।
हजरतगंज जैसे व्यस्त चौराहे पर प्रदर्शन और पुतला दहन के दौरान पुलिसकर्मियों की मौजूदगी रही। प्रदर्शन कुछ समय तक चलने के कारण आसपास की यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई। करीब 20 से 25 मिनट तक वाहनों की गति धीमी रही और चौराहे से जुड़े प्रमुख रास्तों पर वाहनों की कतारें लगने की बात सामने आई है। राहगीरों और आम लोगों को भी इस दौरान आवाजाही में कठिनाई का सामना करना पड़ा।
रालोद छात्रसभा के प्रदेश अध्यक्ष अमन पांडेय ने कहा कि चौधरी चरण सिंह की विचारधारा को मानने वाले लोग गाजियाबाद से गाजीपुर तक मौजूद हैं। उन्होंने सपा नेतृत्व के बयानों को लेकर नाराजगी जताई और कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं ने इसी कारण सड़क पर उतरकर विरोध किया। प्रदर्शन के दौरान रालोद नेताओं ने यह भी कहा कि पार्टी भविष्य में समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन या चुनावी समझौते पर विचार नहीं करेगी। यह बयान प्रदर्शनकारियों की ओर से रखा गया राजनीतिक रुख है।
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