अंबेडकरनगर जिले में चल रहे सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान ने दूसरे दिन ग्रामीण क्षेत्रों तक अपनी पहुंच और मजबूत की। ग्राम पंचायत जमनीपुर में सड़क सुरक्षा सखियों ने "सुरक्षित घर लौटें" संदेश के साथ पदयात्रा निकालकर लोगों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया। वहीं नगर के प्रमुख चौराहों पर यातायात पुलिस ने वाहन चालकों और राहगीरों के बीच जागरूकता पंपलेट वितरित कर सुरक्षित यातायात का संदेश दिया।
जागरूकता कार्यक्रम की शुरुआत सड़क सुरक्षा शपथ के साथ हुई। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर रोड सेफ्टी, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास के प्रतिनिधियों ने उपस्थित लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने और नियमों का पालन करने की शपथ दिलाई।
इस अवसर पर खंड विकास अधिकारी अशोक कुमार, सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), सहायक विकास अधिकारी (ग्राम विकास), ग्राम सचिव शिव कुमार, ग्राम प्रधान सुभाष वर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान आईआईटी मद्रास के प्रतिनिधियों ने सड़क सुरक्षा सखियों को अभियान के उद्देश्य, उनकी भूमिका और जिम्मेदारियों से अवगत कराया। उन्हें सुरक्षित यातायात के नियमों, सड़क दुर्घटनाओं से बचाव के उपाय, आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों तथा स्वयं जागरूक रहकर परिवार और समाज के अन्य लोगों को भी सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की जानकारी दी गई। प्रतिनिधियों ने बताया कि स्थानीय स्तर पर जनभागीदारी के माध्यम से सड़क सुरक्षा संबंधी संदेश अधिक प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंचाया जा सकता है।
अभियान के तहत यातायात पुलिस ने नगर के प्रमुख चौराहों पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम चलाया। इस दौरान वाहन चालकों और राहगीरों को पंपलेट वितरित किए गए तथा हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने और यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया गया।
पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि सड़क पर छोटी-सी लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है, इसलिए सुरक्षित यात्रा के लिए यातायात नियमों का पालन आवश्यक है।
सड़क सुरक्षा अभियान केवल ग्रामीण क्षेत्रों और नगर तक ही सीमित नहीं रहा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र टांडा और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटेहरी में भी सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों के माध्यम से मरीजों, उनके परिजनों और स्वास्थ्य कर्मियों को भी सुरक्षित यातायात के महत्व की जानकारी दी गई।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी सत्येंद्र यादव ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल सरकारी विभागों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी से ही इसे प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि जिले में चलाया जा रहा यह अभियान जनसहभागिता के माध्यम से सड़क सुरक्षा को जनआंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
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