करीब छह साल पहले उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान हुई आईबी कर्मी अंकित शर्मा की हत्या से जुड़े बहुचर्चित मामले में आज बड़ा न्यायिक फैसला आने वाला है। कड़कड़डूमा कोर्ट शुक्रवार को पूर्व आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत पांच दोषियों की सजा का ऐलान करेगी। इस फैसले पर न केवल पीड़ित परिवार बल्कि पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि यह मामला वर्ष 2020 के दिल्ली दंगों के सबसे चर्चित मामलों में गिना जाता है। अदालत इससे पहले सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख चुकी थी और आज सजा पर अंतिम निर्णय सुनाया जाएगा।
कड़कड़डूमा कोर्ट ने 13 जुलाई को सुनाए गए अपने फैसले में ताहिर हुसैन, नाजिम, कासिम, जावेद और अनस को हत्या, आपराधिक साजिश और अन्य गंभीर धाराओं के तहत दोषी करार दिया था। अदालत ने माना था कि अभियोजन पक्ष आरोप सिद्ध करने में सफल रहा। अब अदालत केवल यह तय करेगी कि दोषियों को कौन-सी सजा दी जाए।
सजा पर हुई सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के विशेष लोक अभियोजक मधुकर पांडे ने अदालत के सामने कहा कि अंकित शर्मा की हत्या पूरी तरह योजनाबद्ध, अत्यंत क्रूर और समाज में भय का वातावरण पैदा करने वाली थी।
अभियोजन ने अदालत से इसे 'दुर्लभतम में दुर्लभ' श्रेणी का मामला मानते हुए दोषियों को मृत्युदंड देने की मांग की। उनका तर्क था कि ऐसे अपराधों में कठोरतम सजा से ही समाज में कानून के प्रति विश्वास और अपराधियों के लिए स्पष्ट संदेश जाएगा।
वहीं, बचाव पक्ष ने अभियोजन की मांग का विरोध करते हुए कहा कि यह मामला मृत्युदंड दिए जाने की श्रेणी में नहीं आता। बचाव पक्ष ने दोषियों की सामाजिक और पारिवारिक परिस्थितियों सहित विभिन्न आधारों का हवाला देते हुए अदालत से नरमी बरतने और कम सजा देने की अपील की। दोनों पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद अदालत ने 31 जुलाई को सजा पर फैसला सुनाने की तारीख तय की थी।
अंकित शर्मा का शव 26 फरवरी 2020 को उत्तर-पूर्वी दिल्ली के चांदबाग इलाके में एक नाले से बरामद हुआ था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनके शरीर पर कई गंभीर चोटों के निशान मिलने की पुष्टि हुई थी।
यह मामला उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के सबसे चर्चित और संवेदनशील मामलों में शामिल रहा है। जांच, सुनवाई और अदालत की कार्यवाही पर लगातार देशभर की नजर बनी रही।
अब सभी की नजर कड़कड़डूमा कोर्ट के उस फैसले पर है, जिसमें यह तय होगा कि दोषी ठहराए गए पांचों आरोपियों को आजीवन कारावास मिलेगा या अदालत अभियोजन की मृत्युदंड की मांग पर कोई निर्णय लेगी। अदालत का फैसला इस बहुचर्चित मामले में न्यायिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है।
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