मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार बुंदेलखंड क्षेत्र को औद्योगिक विकास के नए केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। बुंदेलखंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज होने से बड़े औद्योगिक निवेश और परियोजनाओं के लिए आधार तैयार हो रहा है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार बीडा क्षेत्र में कुल 33 गांवों में लगभग 56,662 एकड़ भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव है। इसमें पहले चरण में 35,298 एकड़ और दूसरे चरण में 21,364 एकड़ भूमि अधिग्रहित की जानी है। अब तक 24,201 एकड़ से अधिक भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है, जिससे औद्योगिक परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया तेज हो गई है।
सरकार का उद्देश्य बुंदेलखंड को देश के प्रमुख औद्योगिक हब के रूप में विकसित करना है। इसके लिए बुनियादी ढांचे के विकास, निवेश आकर्षित करने और उद्योगों की स्थापना के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। भूमि उपलब्ध होने के साथ ही निवेशकों की रुचि भी बढ़ रही है।
क्षेत्र को राष्ट्रीय स्तर के औद्योगिक नेटवर्क से जोड़ने के लिए करीब 300 एकड़ भूमि पर नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एनआईसीडीसी) के सहयोग से दिल्ली-नागपुर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित किए जाने की योजना है। इससे बुंदेलखंड प्रमुख औद्योगिक कॉरिडोर से जुड़ सकेगा और औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी।
रक्षा क्षेत्र में भी निवेश की योजना तैयार की जा रही है। लगभग 250 एकड़ भूमि पर बैटल टैंक की एमआरओ (मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहाल) सुविधा और कॉम्बैट व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित करने का प्रस्ताव है। इस परियोजना के माध्यम से रक्षा उपकरणों के निर्माण और रखरखाव की आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इन औद्योगिक परियोजनाओं के क्रियान्वयन से बुंदेलखंड क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की संभावना जताई जा रही है।
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