>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को बाराबंकी के दौलतपुर गांव में पद्मश्री किसान राम सरन वर्मा के फार्म पर आयोजित किसान पाठशाला के आठवें संस्करण का शुभारम्भ किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों ने हिस्सा लिया।
>मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अब कृषि नीतियों का निर्माण खेत स्तर पर किसानों की वास्तविक जरूरतों के आधार पर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले खेती से जुड़ी योजनाएं सचिवालय तक सीमित थीं, जबकि वर्तमान में कृषि संबंधी समस्याओं की समझ मौके पर जाकर विकसित की जा रही है।
>उन्होंने बताया कि बीज, खाद, सिंचाई और बाजार से जुड़े क्षेत्रों में बिचौलियों की भूमिका समाप्त की गई है, जिससे किसानों को फसल का उपयुक्त मूल्य सीधे मिल रहा है। मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकार ने सिंचाई प्रणाली का आधुनिकीकरण, कृषि यंत्रों का वितरण और नई तकनीक को खेतों तक पहुंचाने की दिशा में व्यापक कार्य किए हैं।
>कार्यक्रम में उन्होंने कहा, उत्तर प्रदेश में आज कृषि तकनीक का वह विस्तार हो रहा है, जिसकी कल्पना दशकों तक नहीं की गई थी। मुख्यमंत्री ने बताया कि गन्ना किसानों को 2.92 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड भुगतान किया गया है और राज्य गन्ना उत्पादन में देश में प्रथम स्थान पर है।
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