लखनऊ में निवेश के नाम पर कारोबारियों को निशाना बनाने वाले गिरोह के मामले में पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। कमता चौकी प्रभारी मोहित और सीआरपीएफ के दरोगा जय प्रकाश समेत अन्य फरार आरोपियों पर जल्द इनाम घोषित किया जा सकता है। दोनों आरोपी पांच लाख रुपये की लूट के मामले का खुलासा होने के बाद से फरार हैं। पुलिस की छह टीमें लगातार अलग-अलग जिलों में दबिश दे रही हैं, लेकिन दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन बंद होने के कारण उनकी लोकेशन का पता नहीं चल सका है।
जानकारी के अनुसार, आरोपी दरोगा मोहित मूल रूप से मुजफ्फरनगर का रहने वाला है और वर्ष 2019 बैच का उपनिरीक्षक है। दो दिन पहले पुलिस ने दर्ज मुकदमे में उसका नाम भी शामिल किया था। एसीपी विभूतिखंड के अनुसार, पुलिस की छह टीमें आरोपियों की तलाश में लगी हुई हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
जांच में सामने आया है कि गिरोह के सदस्य वारदात को अंजाम देने से पहले चौकी प्रभारी मोहित को पूरी जानकारी देते थे। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि मोहित को गिरोह के अन्य सदस्यों और उनकी गतिविधियों के बारे में पहले से जानकारी थी। जांच के मुताबिक, गिरोह में सिपाही पूरन सिंह, सीआरपीएफ दरोगा जय प्रकाश, पीएसी के बर्खास्त जवान समेत अन्य लोग शामिल थे।
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी पहले कारोबारियों को निवेश का झांसा देकर रुपये लेकर बुलाते थे। इसके बाद उन्हें फर्जी नंबर प्लेट लगी बोलेरो में बैठाकर कुछ दूरी तक ले जाया जाता था। इसके बाद आरोपियों द्वारा कथित रूप से पीड़ितों को बंधक बनाकर नकदी और अन्य सामान लूट लिया जाता था। कई मामलों में आरोपी खुद को एसटीएफ का सदस्य बताकर लोगों को डराते थे।
इस मामले में पुलिस अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें गोरखपुर के शहजनवा थाना क्षेत्र के कररिया निवासी जावेद हुसैन, उसका साथी आसिफ, संतकबीरनगर के बेल्डुआ झकहीचक निवासी प्रवेश त्रिपाठी और राजस्थान के अलवर जिले के मंडावा मैनपुर निवासी सिपाही पूरन सिंह शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही उनके खिलाफ इनाम घोषित किया जा सकता है।
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