लखनऊ जिले की पांचों तहसीलों में शनिवार को आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। पूरे जिले में कुल 717 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 143 मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। वहीं शेष मामलों को संबंधित विभागों को भेजते हुए एक सप्ताह के भीतर गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित मुख्य कार्यक्रम तहसील सरोजनीनगर में हुआ, जहां सबसे अधिक 171 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 65 मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि बाकी शिकायतों को समयबद्ध कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को सौंप दिया गया।
प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार सरोजनीनगर में सर्वाधिक शिकायतें दर्ज की गईं। जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद अधिकारियों के साथ विभिन्न मामलों की समीक्षा की और संबंधित विभागों को लंबित मामलों पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्राप्त प्रत्येक शिकायत का निर्धारित समय सीमा के भीतर निस्तारण किया जाए। साथ ही कार्रवाई की फोटो और वीडियो सहित आख्या भी उपलब्ध कराई जाए ताकि शिकायतों के समाधान की गुणवत्ता की निगरानी की जा सके।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि किसी भी शिकायत का निस्तारण करने के बाद संबंधित शिकायतकर्ता से फोन पर संपर्क कर फीडबैक लिया जाए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शिकायतकर्ता वास्तव में समाधान से संतुष्ट है या नहीं। प्रशासन के अनुसार:-
- सरोजनीनगर: 171 शिकायतें, 65 का मौके पर निस्तारण
- मोहनलालगंज: 226 शिकायतें, 36 का निस्तारण
- बीकेटी: 161 शिकायतें, 25 का निस्तारण
- सदर: 60 शिकायतें, 9 का निस्तारण
- मलिहाबाद: 99 शिकायतें, 8 का निस्तारण
शेष मामलों को संबंधित विभागों के पास भेजते हुए निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
समाधान दिवस के दौरान प्राप्त शिकायतों में सबसे अधिक मामले राजस्व विभाग से जुड़े रहे। प्रशासन के अनुसार पुलिस से संबंधित 113, राजस्व एवं पुलिस के संयुक्त 10, राजस्व के 364, विकास के 46, शिक्षा के 5, स्वास्थ्य के 2, समाज कल्याण के 13, नगर निगम के 8 तथा अन्य विभागों से जुड़े 156 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए।
जिलाधिकारी ने कहा कि स्थानीय स्तर पर जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसलिए सभी अधिकारी विधिक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए प्रत्येक शिकायत का गुणवत्तापूर्ण और निर्धारित समय सीमा के भीतर निस्तारण सुनिश्चित करें। साथ ही शिकायतकर्ताओं को कार्रवाई की जानकारी देना भी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए।
सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी, अपर जिलाधिकारी (ट्रांस गोमती), डीसी मनरेगा, पीडी ग्राम्य विकास, उप जिलाधिकारी सरोजनीनगर, तहसीलदार सरोजनीनगर, पुलिस एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
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